आज लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका से स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस मुलाकात में राज्यपाल ने राज्य के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति और वहाँ उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। दोनों पक्षों ने विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रहे और आवश्यक कदमों पर चर्चा की।
राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर देते हुए संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने और उनके लिए उचित अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
छात्रावास और अधोसंरचना में सुधार
राज्यपाल ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा, छात्रावास सुविधा, विद्यालयीन अधोसंरचना और शिक्षकों की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाना चाहिए। उनका उद्देश्य इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है।लोक भवन में आज राज्यपाल रमेन डेका से स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सौजन्य भेंट की।
दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान
राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नामांकन तक सीमित न रहे, बल्कि सीखने की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए, ताकि इन बच्चों को भी समान अवसर प्राप्त हो सकें।
शिक्षक उपलब्धता पर निर्देश
राज्यपाल ने छात्रावास सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, विद्यालयीन अधोसंरचना के विकास तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं को संवेदनशीलता के साथ देखा जाए, ताकि किसी भी स्तर पर बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर वातावरण मिल सके।
