राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को आरंग विकासखंड के ग्रामीण अंचलों में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 'दो बूंद जिंदगी की' खुराक पिलाई गई। अभियान को लेकर सुबह से ही प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों, आरोग्य मंदिरों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्साह का माहौल रहा, जहां अभिभावक अपने नौनिहालों को लेकर पहुंचे।
ग्राम खौली स्थित आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) प्रतिमा बांदे ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उप सरपंच मुकेश चंद्राकर, मितानिन उत्तरा चंद्राकर, ऋतु निर्मलकर, निर्मला बांदे, प्रमिला यादव एवं देवकी यादव की उपस्थिति में अभिभावकों को पोलियो उन्मूलन में सहभागिता निभाने की शपथ भी दिलाई गई।
172 बच्चों को पोलियो की खुराक दी
अभियान के दौरान खौली में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 411 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।इसी प्रकार ग्राम कठिया में भी पल्स पोलियो अभियान उत्साहपूर्वक संचालित किया गया। यहां पूर्व सरपंच प्रदीप बारले, आरएचओ ललित साहू, मितानिन शैलेंद्री वर्मा, राजेश्वरी यादव एवं लता वर्मा की उपस्थिति में बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई। कठिया में कुल 172 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। सीएचओ प्रतिमा बांदे ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से नई पीढ़ी को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह केवल दो बूंद दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कोई भी पात्र बच्चा अभियान से वंचित न रहे, इसके लिए बूथों के बाद स्वास्थ्य विभाग एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमों ने घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को भी पोलियो की खुराक पिलाई। विभाग ने सभी अभिभावकों से भविष्य में भी प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से दवा पिलाने की अपील की है।