अल्टीमेटम : पिथौरा में अवैध शराब के विरोध में सड़कों पर उतरे सैकड़ों ग्रामीण, प्रशासन को दी चेतावनी
पिथौरा क्षेत्र में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार के विरोध में 21 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण, सरपंच और पंच भारी बारिश के बीच सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी, एसडीएम, तहसीलदार और आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब की बिक्री और निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
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कीर्तिमान न्यूज
04 Jul 2026, 08:20 AM
महासमुंद
पिथौरा –क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आज ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। मूसलाधार बारिश और बरसते पानी की परवाह न करते हुए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, सरपंच और पंचों ने एकजुट होकर स्थनीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
क्षेत्र में पूर्ण रूप से कानून व्यवस्था बहाल करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने थाना प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार और आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शराब बंदी मे आहयोग करने की मांग की है ।
बारिश भी नहीं रोक पाई कदम
क्षेत्र के 21 गांवों के ग्रामीणों ने पिछले 2 वर्षों से 'नशा मुक्ति समिति' का गठन कर रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने स्तर पर करीब 80% तक नशाखोरी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सफल रहे हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस और प्रशासन के असहयोग व उपेक्षा के कारण अवैध शराब की बिक्री बैंड नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस अबकारी अधिकारी को सौंपा ज्ञापनप्रशासन क्षेत्र में पूर्ण तरीके से कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम है, जिसके कारण अवैध शराब की बिक्री और निर्माण धड़ल्ले से जारी है।
इन गांवों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संभाली कमान
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से 21 गांवों के लोग शामिल: अर्जुनी, मुढ़ीपार, गोडबहाल, राजासेव, जम्हर, खुशरूपाली, कोजोबाझा, छिब्बर्रा, कोंचरी, मीठीडोड, अन्तीडीह (थाना पिथौरा) तथा नोहदा, देबी, चरौदा, डेबा, खैरा, अकलतरा, बड़गांव, लोरितखार, आमगांव, देवगांव (बया चौकी) के ग्रामीण शामिल हैं।
इन्होंने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौपने मुख्य रूप से छिब्बर्रा सरपंच नंदिनी दीवान, गोडबहाल सरपंच, जम्हर सरपंच, संजूलता ठाकुर (उपसरपंच), मनेश्वरी ठाकुर (पंच), भगवंतीन विश्वकर्मा (पंच), सादराम पटेल, जयपाल, हृदयेश सिन्हा, गणिराम, रामचन्द्र यादव, नकुल मिश्रा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रशासन को दो टूक चेतावनी
सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध शराब की बिक्री-निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया और कानून व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो यह शांतिपूर्ण आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। अब देखना यह होगा कि इस भारी बारिश में भी अपनी आवाज बुलंद करने वाले इन सैकड़ों ग्रामीणों की गुहार पर सोए हुए प्रशासन की नींद कब टूटती है!