बदलते दौर में अपराधी अब गलियों से ज्यादा डिजिटल रास्तों पर घात लगाए बैठे हैं। ठगी और सोशल मीडिया के जाल से आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए महासमुंद पुलिस ने पूरे जिले में एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले भर में "नवा बिहान" अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सीधा मकसद पुलिस को थानों से निकालकर सीधे जनता के बीच पहुंचाना है। इस अभियान के तहत पुलिस की टीमें किसी बंद कमरे में बैठक करने के बजाय सीधे हाट-बाजारों, स्कूल-कॉलेजों, बस स्टैंडों, बैंकों और गली-मोहल्लों के चौराहों पर चौपाल लगा रही हैं।
शिविरों में 500 से अधिक ग्रामीणों ने लिया भाग
बीते एक सप्ताह के भीतर पुलिस ने जिले के सरायपाली के ग्राम बिछिया, सिरपुर चौकी के अंतर्गत ग्राम सिरपुर, पिथौरा के गार्डन चौक, पटेवा के ग्राम रुमेकेल, छिलपावन चौक, भंवरपुर के साप्ताहिक बाजार, भलेसर (चौकी टूहलू), खल्लारी के ग्राम बीकेबाहरा और बागबाहरा के पिथौरा चौक जैसे प्रमुख इलाकों में सघन अभियान चलाया। इन शिविरों में 500 से अधिक ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया, जहां उन्हें सुरक्षा के कड़े व्यावहारिक उपाय सिखाए गए।
थर्ड पार्टी ऐप्स का ना करें उपयोग
चौपालों के दौरान पुलिस अधिकारियों ने युवाओं और महिलाओं को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिना जांचे-परखे स्वीकार न करें। साइबर सेल के एक्सपर्ट्स ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करना या बिना सोचे-समझे थर्ड-पार्टी ऐप्स डाउनलोड करना बैंक खाता खाली करवा सकता है।वीडियो कॉल पर नहीं होती गिरफ्तारी
आजकल अपराधियों ने ठगी का नया तरीका निकाला है, जिसमें वे खुद को पुलिस, सीबीआई (CBI) या जज बताकर लोगों को वीडियो कॉल करते हैं। वे पीड़ित को डराते हैं कि वे 'डिजिटल अरेस्ट' हो चुके हैं और केस रफा-दफा करने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। कोई भी सरकारी संस्था या कानून प्रवर्तन अधिकारी कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करता और न ही पैसों की मांग करता है। ऐसे कॉल्स आने पर घबराएं नहीं और न ही डरकर गूगल-पे या फोन-पे के जरिए कोई रकम ट्रांसफर करें। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें।
गौवंश तस्करी के लिए व्हाट्सएप नंबर
इलाके में गौवंश की तस्करी और अवैध परिवहन को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसके लिए पुलिस ने अपना विशेष व्हाट्सएप नंबर 94792-29939 ('संवाद' हेल्पलाइन) जारी किया है। जनता से अपील की गई है कि अगर कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो इस नंबर पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि किसी भी सड़क दुर्घटना, आपसी विवाद या आपातकालीन स्थिति में तुरंत 'डायल-112' सेवा का लाभ लें।टू-स्टेप वेरिफिकेशन रखे ऑन
पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) कम से कम समय में मौके पर मदद के लिए पहुंचती है। इसके साथ ही, पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर आने वाले फॉरवर्डेड मैसेजेस की सत्यता जांचे बिना उन्हें आगे शेयर न करने की अपील की। सुरक्षा के लिहाज से अपने व्हाट्सएप और फेसबुक अकाउंट पर 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' हमेशा ऑन रखने को कहा गया। शिविर के अंत में उपस्थित नागरिकों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया गया और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी गई।