धरती को हरा-भरा बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने के संकल्प के साथ महासमुंद में एक बड़ी पहल की गई है। छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहूं शिक्षण समिति और शांत्रीबाई कला, वाणिज्य विज्ञान महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज परिसर में एक वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना था।
वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दी मुहिम को गति
इस खास अभियान की शुरुआत छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहूं शिक्षण समिति के अध्यक्ष राहुल चन्द्राकर और सचिव कमलेश चन्द्राकर ने पौधा लगाकर की। उनके साथ चन्द्रनाहूं कुर्मी क्षत्रिय समाज न्याय कमेटी के अध्यक्ष केशव नायकराम चन्द्राकर, सचिव हुलास चन्द्राकर, ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र चन्द्राकर, सचिव देवेन्द्र चन्द्राकर (गांजर), शांत्रीबाई महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता चन्द्राकर और चन्द्रोदय पब्लिक स्कूल के प्राचार्य नवीन चन्द्राकर ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद शिक्षण समिति के संचालक मंडल के सदस्यों और कॉलेज व स्कूल के स्टाफ ने मिलकर इस मुहिम को आगे बढ़ाया। पौधा लगाने वालों में द्रोण चन्द्राकर, चन्द्रपाल, केशव, तारणी, गौरव, चन्द्रमणी, निखिल, वीरेन्द्र, जब्बर, देवेन्द्र, धर्मराज, धरमचंद, दयालू, प्रसुन, श्रीमती सुरेखा चन्द्राकर, निधी, हर्षित चन्द्राकर सहित पदेन संचालक गौरव, रोमनाथ, योगेश, भीमसेन और चिंतामणी चन्द्राकर प्रमुख रूप से शामिल रहे।
"प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं वृक्ष, संरक्षण बेहद जरूरी"
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने पर्यावरण को लेकर अपने विचार भी साझा किए। समिति के अध्यक्ष राहुल चन्द्राकर ने कहा: "वृक्ष प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार हैं। आज के समय में सिर्फ पौधा लगाना काफी नहीं है, बल्कि उसका संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है। अगर हर व्यक्ति साल में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले, तो हम पर्यावरण का संतुलन बिगड़ने से बचा सकते हैं।" वहीं, न्याय कमेटी के अध्यक्ष केशव नायकराम चन्द्राकर ने मानव जीवन और प्रकृति के गहरे रिश्ते पर जोर दिया। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि यदि हम आज सजग नहीं हुए, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।
विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी जगाना मकसद
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता चन्द्राकर ने इस पहल को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन समय-समय पर वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे अभियान चलाता रहता है, ताकि छात्र-छात्राओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा हो सके।
एक पेड़ माँ के नाम' मुहिम से जुड़ने की अपील
इस अभियान के तहत कॉलेज परिसर में छायादार, फलदार और औषधीय गुणों से भरपूर कई तरह के पौधे रोपे गए। विद्यार्थियों को पेड़ों के महत्व और स्वास्थ्य पर उनके सकारात्मक असर के बारे में भी बताया गया। इस मौके पर महाविद्यालय परिवार ने आम जनता से भी "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़ने और पर्यावरण को बचाने में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में मेनका चन्द्राकर, नारायण चक्रधारी, आकांक्षा सिंह, गायत्री चन्द्राकर, शत्रुघन पटेल, अर्शिन सोलोमन, नेहा साहू, दामिनी साहू, गुलाब, विष्णु, घनश्याम, बलराम, मानिक लाल तारक, प्रमिला चन्द्राकर, मानिक पटेल और चंद्रिका देवांगन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का सक्रिय योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल करने और पर्यावरण को बचाने का सामूहिक संकल्प लिया।