कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम को समाधान शिविर के लिए एक साथ बस के माध्यम से रवाना किया गया। यह आयोजन सुशासन तिहार के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर देते रहे हैं। इसी दिशा में जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि अलग-अलग वाहनों के बजाय सभी अधिकारी एक ही बस से शिविर स्थल तक जाएं, जिससे सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश समाज तक पहुंचे।
ईंधन बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी का लक्ष्य
सुशासन और जनहित की दिशा में सकारात्मक कदम
जिला प्रशासन की यह पहल सुशासन और जनहित के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह न केवल सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में सहायक है, बल्कि आम जनता के लिए एक प्रेरक संदेश भी देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े पर्यावरणीय बदलाव संभव हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से इस तरह की पहलें प्रशासनिक कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रही हैं।
