मध्य प्रदेश के इंदौर के व्यवसायी और समाजसेवी अक्षय जैन ने अपने बेटे पार्थ जैन की 12 जुलाई को होने वाली शादी को सादगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला आयोजन बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने विवाह समारोह को सीमित और पूरी तरह पारिवारिक स्वरूप देने का फैसला किया है। शादी में केवल दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार और परिजन ही शामिल होंगे। जैन परिवार ने शादी में आने वाले सभी मेहमानों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार का उपहार, लिफाफा या भेंट लेकर न आएं।
प्रधानमंत्री के संदेश से मिली प्रेरणा
समाजसेवी अक्षय जैन ने बताया कि यह निर्णय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सादगी, मितव्ययता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से प्रेरित होकर लिया है। उन्होंने कहा कि शादी में किसी तरह का दिखावा या फिजूलखर्ची नहीं होगी। सभी धार्मिक रस्में जैन परंपरा के अनुसार नवकार महामंत्र और मंगलाचरण के बीच संपन्न कराई जाएंगी। अक्षय जैन ने बताया कि जैन धर्म की परंपराओं के अनुसार विवाह में कोई भी रात्रिकालीन कार्यक्रम नहीं रखा गया है।
उपहार नहीं, पौधा लगाने की अपील
परिवार का कहना है कि नवदंपती के लिए सबसे बड़ा उपहार बड़ों का आशीर्वाद और अपनों का स्नेह ही है। परिजनों ने सभी मेहमानों से अपील की है कि वे नवदंपती को आशीर्वाद स्वरूप अपने घर, आंगन या आसपास कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। साथ ही उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लें। परिवार का मानना है कि यदि हर शुभ अवसर को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।दिन में होंगे सभी विवाह कार्यक्रम
सभी आयोजन दिन के समय ही संपन्न होंगे। मेहमानों के लिए जमीकंद रहित शुद्ध सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है। सामाजिकजनों का कहना है कि ऐसे समय में, जब शादियां दिखावे और फिजूलखर्ची का माध्यम बनती जा रही हैं, जैन परिवार की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि यह आयोजन सादगी, संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश देगा।