वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में आए एक बड़े मोड़ का सीधा असर सर्राफा बाजार पर देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से जारी भीषण सैन्य तनाव को समाप्त करने पर सहमति बन गई है। दोनों देशों के बीच युद्ध विराम की इस बड़ी घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, कच्चे तेल में आई इस सुस्ती के विपरीत, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुएं रिकॉर्ड तोड़ तेजी से दौड़ रही हैं।
एमसीएक्स (MCX) पर आज का हाल: आसमान छूती कीमतें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज शुरुआती कारोबार से ही सोने और चांदी में तूफानी तेजी देखी जा रही है। बाजार खुलते ही लिवाली का भारी दबाव रहा:
सोना (Gold): शुरुआती सत्र में ही 3,300 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया।
चांदी (Silver): औद्योगिक मांग और निवेशकों के आकर्षण के चलते इसमें 7,200 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी उछाल दर्ज की गई।
तीन दिनों की महा-तेजी: निवेशक हुए गदगद
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, सर्राफा बाजार में तेजी का यह लगातार तीसरा दिन है। पिछले तीन दिनों के भीतर कीमतों ने पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं:
| धातु | 3 दिन की कुल तेजी | बाजार का रुख |
| सोना (Gold) | ₹6,000 की बढ़त | सुरक्षित निवेश के तौर पर पहली पसंद |
| चांदी (Silver) | ₹18,000 की भारी उछाल | औद्योगिक और खुदरा मांग में जबरदस्त तेजी |
क्यों आ रही है सोने-चांदी में इतनी तेजी?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने की खबर से भले ही कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता खत्म हुई हो, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति (Inflation) के दबाव और केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी होल्डिंग्स बढ़ाने की रणनीति के कारण सोने-चांदी को जबरदस्त सपोर्ट मिल रहा है। जब भी वैश्विक बाजारों में बड़ा उलटफेर होता है, निवेशक शेयरों और अन्य जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सोने को 'सेफ हेवन' (सुरक्षित ठिकाना) मानकर दांव लगाते हैं।
बाजार विशेषज्ञों की राय: > "भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद कच्चे तेल से निकलने वाला फंड अब तेजी से कीमती धातुओं की ओर शिफ्ट हो रहा है। यदि यही रुख रहा, तो आने वाले दिनों में चांदी और सोने की कीमतें नए ऐतिहासिक स्तर को छू सकती हैं।"
