Saturday, 19 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम रायपुर वन विभाग हुआ हाईटेक : उदंती-सीतानदी में AI की नजर…
AI कैमरों से जंगल की निगरानी
AI कैमरों से जंगल की निगरानी
रायपुर

वन विभाग हुआ हाईटेक : उदंती-सीतानदी में AI की नजर, अब हाईटेक तरीके से होगी जंगल की सुरक्षा

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए AI आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू किया गया है। AI कैमरे वन्यजीवों की पहचान के साथ शिकार, तस्करी और अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 14 Jul 2026, 11:19 AM · अपडेट: 10 Sep 2026, 07:51 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और वन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू किया गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य अवैध शिकार, लकड़ी तस्करी, अतिक्रमण और मानव-हाथी संघर्ष जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाना है। 
इस परियोजना के तहत 70 से 80 फीट ऊंचे टावरों पर AI कैमरे और पी2पी (Peer-to-Peer) वायरलेस सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इनकी मदद से दुर्गम वन क्षेत्रों में वन्यजीवों और संदिग्ध गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाएगी। 

संवेदनशील क्षेत्रों में AI निगरानी 

AI सर्विलांस सिस्टम का शुरुआती ट्रायल ओडिशा सीमा से लगे कुल्हाडीघाट, इंदागांव, रिसगांव, दक्षिण उदंती और पायलीखण्ड उत्तर उदंती रेंज में किया जा रहा है। ये क्षेत्र हाथियों के आवागमन और वन अपराधों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। AI कैमरे हाथी, बाघ, तेंदुआ और भालू जैसे वन्यजीवों की पहचान करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा शिकारी, लकड़ी तस्कर और अवैध प्रवेश करने वालों की गतिविधियों का भी पता लगाया जा सकेगा। सिस्टम किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीव की पहचान होने पर तुरंत वन कर्मियों और अधिकारियों को व्हाट्सएप के जरिए अलर्ट भेजेगा। इससे मौके पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। 

जंगलों में पहुंचेगा इंटरनेट नेटवर्क 

पी2पी वायरलेस तकनीक के जरिए दूरस्थ जंगलों तक इंटरनेट सुविधा पहुंचाई जाएगी। मैनपुर क्षेत्र के 4G और 5G नेटवर्क को एंटी-पोचिंग कैंप और वन चौकियों तक पहुंचाकर लाइव निगरानी को बेहतर बनाया जाएगा। वन विभाग में सीमित मानव संसाधन की चुनौती के बीच यह AI सिस्टम सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। इससे संवेदनशील इलाकों पर चौबीसों घंटे नजर रखना आसान होगा। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पहले से थर्मल ड्रोन, सैटेलाइट इमेज और भू-स्थानिक तकनीक का उपयोग वन संरक्षण और अवैध गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जा रहा है। नई AI प्रणाली इस व्यवस्था को और मजबूत करेगी। 

संरक्षण अभियान से मिले अच्छे परिणाम 

रिजर्व क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में करीब 956 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, जबकि 500 से अधिक तस्करों और शिकारियों पर कार्रवाई की गई है। तकनीकी निगरानी से कई दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों की पहचान भी हुई है। मॉडल विशेषज्ञों के अनुसार AI आधारित यह स्मार्ट निगरानी नेटवर्क वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। भविष्य में यह देश के अन्य संरक्षित क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी मॉडल साबित हो सकता है। परियोजना में प्रत्येक टावर, AI कैमरा, वायरलेस कनेक्टिविटी और जरूरी निर्माण कार्यों पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह निवेश वन सुरक्षा और आधुनिक निगरानी व्यवस्था को मजबूत करेगा।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें