जिले में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे। उन्होंने जशपुर जिले में विभाग के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर ही प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अधिकारी केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि लगातार फील्ड में रहकर कामों की मॉनिटरिंग करें ताकि जनता को तय वक्त पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान सचिव मुकेश कुमार बंसल ने रौनीघाट से बगीचा मार्ग और बगीचा से चराईडांड मार्ग का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने नए मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित पहुंच मार्ग (अप्रोच रोड) का भी खास तौर पर मुआयना किया।
नेशनल हाईवे के काम पर नाराजगी
जशपुर से पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का निरीक्षण करते समय सचिव का रुख काफी सख्त नजर आया। हाईवे के निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार और ढुलमुल रवैये को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी और असंतोष जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि काम की गति तुरंत बढ़ाई जाए। बंसल ने चेतावनी दी कि सड़क और पुल-पुलिया जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स आम जनता की जिंदगी से जुड़े हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह का गैर-जरूरी विलंब या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अफसरों की हाई-लेवल बैठक
अफसरों की क्लास
दौरे के बाद विभागीय सचिव ने जशपुर और पत्थलगांव क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्यों, प्रस्तावित सड़कों और सरकारी भवनों की एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि केवल डेडलाइन पूरी करना काफी नहीं है, बल्कि निर्माण की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाए। इस महत्वपूर्ण दौरे और बैठक के दौरान जिले के कलेक्टर रोहित व्यास, पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता व्ही.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता बी.एस. बघेल, ज्ञानेश्वर कश्यप, जी.एस. मंडावी समेत जिले के तमाम कार्यपालन अभियंता (EE) और अनुविभागीय अधिकारी (SDO) मुख्य रूप से मौजूद रहे।