दुर्ग जिले में जमीन बंटवारे के नाम पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को निलंबित कर दिया। जांच में 45 हजार रुपए लेने की पुष्टि हुई है।
मामला अहिवारा तहसील का है। बताया जा रहा है कि भूमि बंटवारे के काम के एवज में पक्षकार से रकम ली गई थी। वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद एसडीएम भिलाई-03 महेश सिंह राजपूत ने तहसीलदार अहिवारा से जांच कराई। जांच के दौरान पक्षकार अमन कुमार टंडन, भूमिस्वामी उत्तम टंडन और पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर के बयान दर्ज किए गए।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जमीन बंटवारे के नाम पर पटवारी को 45 हजार रुपए दिए गए थे। पूछताछ में पटवारी ने स्वीकार किया कि उन्होंने पक्षकार की माता से रकम ली थी। वायरल वीडियो में भी वे वेतन मिलने के बाद पैसे वापस करने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।
प्रशासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 और नियम-14 का उल्लंघन माना। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी किया गया।
निलंबन अवधि में पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर का मुख्यालय तहसील कार्यालय अहिवारा तय किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
3 बड़ी बातें
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया
- जमीन बंटवारे के बदले 45 हजार रुपए लेने की पुष्टि
- पूछताछ में पटवारी ने खुद रकम लेने की बात स्वीकार की
