बागबाहरा क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर लोगों की मांग तेज हो गई है। क्षेत्र के करीब 1000 गांवों और सात तहसीलों के नागरिकों ने केंद्रीय रेल मंत्री को ज्ञापन भेजकर बागबाहरा रेलवे स्टेशन को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के रायपुर रेल मंडल में शामिल करने की मांग की है। साथ ही कई प्रमुख सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू करने की मांग भी रखी गई है।
संबलपुर मंडल के अधीन होने से उपेक्षा का आरोप
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बागबाहरा भले ही छत्तीसगढ़ में स्थित है, लेकिन इसका संचालन वर्तमान में ईस्ट कोस्ट रेलवे के संबलपुर मंडल के अंतर्गत आता है। लोगों का आरोप है कि दूसरे राज्य के रेल मंडल के अधीन होने के कारण प्रशासनिक तालमेल, भौगोलिक दूरी और अन्य समस्याओं के चलते क्षेत्र को अपेक्षित रेल सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कांग्रेस जिला महामंत्री गिरीश पटेल ने कहा कि बागबाहरा को रायपुर रेल मंडल में शामिल करने से क्षेत्र की रेल व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रियों को सुविधाएं मिल सकेंगी।
1000 गांवों और सात तहसीलों की निर्भरता
ज्ञापन में बताया गया है कि बागबाहरा रेलवे स्टेशन महासमुंद, पिथौरा, बसना, सरायपाली, सारंगढ़, झलप और तेन्दूकोना सहित आसपास के बड़े क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से हजारों यात्री रोजाना रेल सेवा का उपयोग करते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि खल्लारी स्थित प्रसिद्ध चंडी माता मंदिर में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त ट्रेन ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को रायपुर या महासमुंद जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है।
प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग
लोगों ने बागबाहरा स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के प्रायोगिक ठहराव की मांग की है। इनमें पुरी-अजमेर एक्सप्रेस, पुरी-एलटीटी मुंबई एक्सप्रेस, पुरी-गांधीधाम एक्सप्रेस, पुरी-सूरत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, उधना-अमृत भारत एक्सप्रेस, पुरी-साई नगर शिरडी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को शामिल किया गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को दूसरे स्टेशनों से टिकट लेना पड़ता है। इससे बागबाहरा स्टेशन की वास्तविक यात्री संख्या और राजस्व क्षमता भी कम दिखाई देती है।
नई रेल लाइन से दूरी कम होने का दावा
कांग्रेस जिला महामंत्री गिरीश पटेल ने बागबाहरा-सरायपाली-सारंगढ़-रायगढ़ नई रेल लाइन निर्माण की मांग भी उठाई है। उन्होंने दावा किया कि इस रेल परियोजना से करीब 65 किलोमीटर की दूरी कम होगी। साथ ही छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिलने से व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।