मौसम अपडेट : मानसून लो गियर में, छत्तीसगढ़ में 15% कम बारिश, बारिश के लिए इंतजार
छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है, जबकि 48 से 72 घंटों में कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश में अब तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
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कीर्तिमान न्यूज
11 Jul 2026, 09:28 AM
रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून की लुकाछिपी के बीच मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। अगर आप सोच रहे हैं कि भारी बारिश कब होगी, तो आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।
हालांकि, राहत की बात यह है कि इस सुस्त रफ्तार के बाद मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अनुमान के अनुसार, आगामी 48 से 72 घंटों (अगले 2-3 दिनों) के भीतर प्रदेश के कुछ चुनिंदा जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बौछारें पड़ सकती हैं।
महासमुंद के मौसम का मिजाज मिलाजुला
दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की भी आशंका जताई गई है, जिसे लेकर विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। बाकी इलाकों में छिटपुट बारिश के साथ बादल छाए रहेंगे, जिससे उमस थोड़ी बढ़ सकती है। महासमुंद जिले के वासियों के लिए भी मौसम का मिजाज मिलाजुला रहने वाला है।
2-3 दिनों तक बादलों का डेरा
महासमुंद और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में अगले 2-3 दिनों के दौरान आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। स्थानीय स्तर पर सिस्टम बनने से कुछ जगहों पर मध्यम से तेज वर्षा हो सकती है, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कामों में थोड़ी मदद मिलेगी। हालांकि, जब तक झमाझम मानसूनी बारिश नहीं होती, तब तक उमस भरी गर्मी लोगों को थोड़ा परेशान करती रहेगी।
बारिश के लिए इंतजारआंकड़ों में समझिए: अब भी तरस रहा है छत्तीसगढ़
भले ही मानसून छत्तीसगढ़ में पूरी तरह एक्टिव है, लेकिन बादलों ने वैसी मेहरबानी नहीं दिखाई है जैसी उम्मीद थी। आइए नजर डालते हैं इस सीजन के अब तक के आंकड़ों पर:
विवरण
आंकड़े
वास्तविक बारिश (1 जून से 9 जुलाई)
242.8 मिमी (लगभग 9.5 इंच)
सामान्य अपेक्षित बारिश
284.6 मिमी (लगभग 11.2 इंच)
बारिश में कुल कमी
15 प्रतिशत की गिरावट
दुर्ग रहा सबसे गर्म जिला
इस कमी की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में अब भी सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है और लोग अच्छी मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश की कशमकश के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। बीते शुक्रवार को दुर्ग जिला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उमस के कारण यहां लोग पसीने से तर-बतर दिखे।
मानसून की गाड़ी लो गियर में
दूसरी ओर, राजनांदगांव में मौसम थोड़ा मेहरबान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रात और सुबह के वक्त लोगों को गर्मी से खासी राहत मिली। फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून की गाड़ी 'लो-गियर' में चल रही है। अगले 4 दिन हल्की से मध्यम बारिश में गुजरेंगे, लेकिन इसके ठीक बाद मानसूनी सिस्टम मजबूत होने से झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद है।