Women’s Hockey World Cup: भारत की बेटियों का कमाल, 52 साल बाद हॉकी वर्ल्ड कप में हासिल किया पांचवां स्थान
Women’s Hockey World Cup: भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह 1974 के बाद विश्व कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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कीर्तिमान डेस्क | यशोदा साहू
28 Aug 2026, 11:07 AM
नई दिल्ली
Women’s Hockey World Cup: नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वैगनर स्टेडियम में भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया। एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें स्थान के मुकाबले में भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में पांचवां स्थान हासिल किया, जो 1974 के बाद विश्व कप में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मुकाबले की शुरुआत बेहद सतर्क अंदाज में हुई। भारत और जर्मनी के खिलाड़ियों के बीच गेंद पर नियंत्रण हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला। जर्मनी ने शुरुआती दो क्वार्टर में कुछ अवसर बनाए, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने उसके हर प्रयास को नाकाम कर दिया। हाफ टाइम तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और स्कोर 0-0 रहा।
भारत ने जर्मनी को 3-1 से हरायाएक मिनट के भीतर भारत ने दागे दो गोल
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम बदले हुए तेवर के साथ मैदान पर उतरी। मैच के 43वें मिनट में इशिका चौधरी ने शानदार रिवर्स शॉट लगाते हुए भारत का खाता खोला। जर्मनी इस झटके से संभल भी नहीं पाया था कि अगले ही मिनट नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर बढ़त 2-0 कर दी। लगातार दो गोल होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ गया। वहीं, दबाव में आई जर्मन टीम को भारतीय डिफेंस के सामने वापसी का कोई आसान रास्ता नहीं मिला।
चौथे और अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में नवनीत कौर एक बार फिर जर्मन रक्षापंक्ति को भेदने में सफल रहीं। उन्होंने गोलकीपर के ऊपर से गेंद को नेट में पहुंचाकर भारत को 3-0 की निर्णायक बढ़त दिला दी। यह मुकाबले में नवनीत का दूसरा गोल था। मैच खत्म होने से करीब एक मिनट पहले लिन क्रिंग्स ने जर्मनी के लिए गोल कर स्कोर 3-1 किया। हालांकि, तब तक मुकाबला पूरी तरह भारत के पक्ष में जा चुका था। शेष समय में भारतीय खिलाड़ियों ने बढ़त बरकरार रखते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
52 साल बाद विश्व कप में शीर्ष पांच में भारत
भारतीय महिला टीम ने पहली बार 1974 के विश्व कप में चौथा स्थान हासिल किया था। इसके बाद टीम कभी शीर्ष पांच में जगह नहीं बना सकी थी। जर्मनी के खिलाफ मिली इस जीत ने भारत का 52 वर्षों का इंतजार समाप्त कर दिया। विश्व कप में पांचवां स्थान अब भारतीय महिला हॉकी टीम का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया है। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत टीमों के खिलाफ अनुशासित और संघर्षपूर्ण खेल दिखाया। टीम भले ही सेमीफाइनल में प्रवेश नहीं कर पाई, लेकिन पांचवें स्थान के साथ अभियान समाप्त करना भारतीय महिला हॉकी के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह नतीजा आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ाएगा।