विश्व चैंपियन गुकेश को नॉर्वे चेस 2026 के दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा। अमेरिका के दिग्गज ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने आर्मगेडन मुकाबले में गुकेश को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। मैच के बाद वेस्ली सो ने कहा कि “गुकेश का खेल उनकी मौजूदा रैंकिंग जैसा नहीं दिखा”, जिसके बाद शतरंज जगत में इस बयान की काफी चर्चा हो रही है।
दूसरे दौर में गुकेश को मिली हार
नॉर्वे चेस 2026 में दूसरे दौर का मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। क्लासिकल गेम ड्रॉ रहने के बाद मुकाबला आर्मगेडन तक पहुंचा, जहां वेस्ली सो ने शानदार रणनीति के साथ जीत दर्ज की। एक समय गुकेश मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे थे और उन्होंने वेस्ली सो को क्वीन सैक्रीफाइस तक करने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन बाद में भारतीय ग्रैंडमास्टर जीत को संभाल नहीं सके और मैच हाथ से निकल गया।
वेस्ली सो का बयान
मैच के बाद वेस्ली सो ने कहा कि गुकेश का प्रदर्शन उनकी विश्व रैंकिंग और विश्व चैंपियन के दर्जे जैसा नहीं लगा। यह बयान मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने वाला भी हो सकता है, क्योंकि हाल के महीनों में गुकेश लगातार दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देते रहे हैं। हालांकि कई शतरंज विश्लेषकों ने कहा कि एक मुकाबले के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन करना सही नहीं होगा, खासकर तब जब गुकेश अभी भी बेहद युवा हैं और लगातार शीर्ष स्तर पर खेल रहे हैं।
नॉर्वे चेस में चुनौती
इस बार नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें मैग्नस कार्लसन, अलीरेजा फिरोजा, आर प्रज्ञानानंदा और वेस्ली सो जैसे बड़े नाम शामिल हैं।दूसरे दौर में फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने आर प्रज्ञानानंदा को हराकर लगातार दूसरी क्लासिकल जीत दर्ज की और अंक तालिका में बढ़त बना ली।
विश्व चैंपियन बनने के बाद दबाव
गुकेश हाल ही में विश्व शतरंज चैंपियन बने हैं और इसके बाद से उन पर लगातार दबाव और उम्मीदें बढ़ी हैं। विश्व चैंपियन बनने के बाद हर खिलाड़ी को मानसिक और रणनीतिक दोनों स्तर पर ज्यादा कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि अब हर प्रतिद्वंद्वी उनके खिलाफ विशेष तैयारी करके उतरता है।
युवा भारतीय स्टार पर दुनिया की नजर
18 वर्षीय गुकेश को भारतीय शतरंज का भविष्य माना जा रहा है। उन्होंने कम उम्र में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं और विश्वनाथन आनंद के बाद विश्व शतरंज में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं। नॉर्वे चेस जैसे बड़े टूर्नामेंट में लगातार शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना आसान नहीं ।भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जहां गुकेश को हार मिली, वहीं महिलाओं के वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोनेरू हम्पी को आर्मगेडन में हराकर सबको चौंका दिया। गुकेश में वापसी करने की जबरदस्त क्षमता है। इससे पहले भी वह कई कठिन मुकाबलों के बाद शानदार वापसी कर चुके हैं। नॉर्वे चेस अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले राउंड में गुकेश के पास खुद को साबित करने के कई मौके होंगे।
दुनिया के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में शामिल
नॉर्वे चेस को दुनिया के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में गिना जाता है। यहां हर मुकाबला बेहद उच्च स्तर का होता है और खिलाड़ियों को मानसिक मजबूती के साथ लंबी रणनीतिक लड़ाई लड़नी पड़ती है। ऐसे में गुकेश की यह हार भले ही चर्चा में हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उनके लंबे करियर पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
