महायुद्ध की कगार पर : ट्रंप की सबसे बड़े हमले की धमकी के बाद खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और बड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
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कीर्तिमान न्यूज
09 Jul 2026, 08:39 AM
वॉशिंगटन
पश्चिम एशिया में एक बार फिर बारूद की गंध तेज हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनातनी अब सीधे सैन्य टकराव में बदल चुकी है। सोमवार रात को अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर की गई भीषण बमबारी के बाद, अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने और भी बड़े हमले का अल्टीमेटम दे दिया है।
ट्रंप ने साफ किया है कि बुधवार रात को ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। व्हाइट हाउस के इस कड़े रुख के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
सिलसिलेवार धमाकों की गूंज
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'मिजान' के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के तटीय इलाकों को निशाना बनाया है। इनमें रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बंदर अब्बास और सीरिक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन हमलों के दौरान कई शहरों में सिलसिलेवार धमाकों की गूंज सुनी गई, जिससे स्थानीय आबादी में दहशत का माहौल है।
हाई अलर्ट पर रक्षा तंत्र
शुरुआती रिपोर्ट्स में तटीय इलाके में मौजूद दो स्थानीय मछुआरों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस औचक हमले के तुरंत बाद ईरानी सेना ने अपने हवाई रक्षा तंत्र (Air Defense System) को हाई अलर्ट पर डाल दिया है और जवाबी कार्रवाई के लिए मिसाइलें तैनात कर दी हैं। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ईरान की पुरानी उकसावे वाली हरकतों का 'करारा जवाब' बताया है। इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद तेहरान का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
अमेरिका का ईरान पर हमलासमझाैतों की उड़ा दी धज्जियां
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बेहद तल्ख लहजे में वाशिंगटन की निंदा की। बकाई ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर हुए अंतरराष्ट्रीय समझौतों की धज्जियां उड़ा दी हैं। ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें "अपराधी और हत्यारा" करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि संप्रभुता पर हुए इस हमले को ईरान चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगा और इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
होर्मुज को व्यापार के लिए खुला रखना प्राथमिकता
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने ईरान को दोटूक शब्दों में धमकी दी है कि अगर उसने होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी अमेरिकी जहाज, सैन्य ठिकाने या अमेरिकी हितों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो अमेरिका उसकी 20 गुना ज्यादा ताकत के साथ धज्जियां उड़ा देगा। इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि व्हाइट हाउस के लिए इस वक्त सबसे बड़ी प्राथमिकता होर्मुज स्ट्रेट को व्यापार और जहाजों के लिए खुला रखना है।
कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा सीधा असर
अमेरिका किसी भी कीमत पर इस समुद्री मार्ग पर ईरान का दबदबा बर्दाश्त नहीं करेगा। दोनों देशों के बीच आर-पार की यह जंग अब एक बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले चुकी है। वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बुधवार रात को ट्रंप की धमकी के मुताबिक हमला होता है, तो पूरा मिडिल ईस्ट इसकी चपेट में आ सकता है, जिसका सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा।