कौशल ही आज के समय की सबसे बड़ी पूंजी है। इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुखी और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार आधुनिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
विश्व युवा कौशल विकास दिवस के अवसर पर राज्य की उपलब्धियों पर नजर डालें तो अब तक मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 4 लाख 94 हजार 330 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से 2 लाख 74 हजार 934 युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है। वर्तमान में प्रदेशभर में 375 प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय कौशल अर्हता फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आधुनिक तकनीकों से जुड़ रहे युवा
बदलते समय के साथ कौशल प्रशिक्षण में भी बदलाव किया गया है। अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ड्रोन ऑपरेटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा और सौर ऊर्जा जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। इस वर्ष जल वितरण संचालक (Water Distribution Operator) कोर्स भी शुरू किया गया है, जिसमें 2,770 युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की योजना है। राज्य सरकार ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशिक्षकों के लिए TOT प्रमाणन अनिवार्य किया है। इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों के लिए कम से कम सात दिन का ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) भी जरूरी किया गया है, ताकि उन्हें उद्योगों के वास्तविक कार्य का अनुभव मिल सके। प्रशिक्षण केंद्रों में फेस आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति और आईपी आधारित सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता और अनुशासन में सुधार हुआ है।
प्रशिक्षण के साथ रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण संस्थानों को अनुमति देने से पहले रोजगार उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं की जांच की जाती है। साथ ही प्रशिक्षण केंद्रों को भुगतान का 60 प्रतिशत हिस्सा युवाओं के रोजगार से जुड़ने के बाद ही दिया जाता है। प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं तक कौशल विकास पहुंचाने के लिए बस्तर संभाग के विकासखंडों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। बीजापुर में असिस्टेंट मेसन कोर्स शुरू किया गया है, वहीं बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, कांकेर और बीजापुर के पुनर्वास केंद्रों को प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में जोड़ा गया है। युवाओं को बेहतर रोजगार दिलाने के लिए सरकार ने कई उद्योगों और संस्थानों के साथ साझेदारी की है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के सहयोग से ट्रैक्टर मैकेनिक प्रशिक्षण, साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रशिक्षण और नांदी फाउंडेशन के माध्यम से रोजगार कौशल प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है।लाईवलीहुड कॉलेज बने युवाओं के सहारा
प्रदेश के लाईवलीहुड कॉलेजों में वर्ष 2013 से अब तक 68 हजार 552 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से 39 हजार 452 युवा रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ चुके हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत भी हजारों युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नवा रायपुर में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। यहां आधुनिक मशीनों और प्रयोगशालाओं के माध्यम से उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान
इंडिया स्किल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 2025-26 में जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 3,327 युवाओं ने हिस्सा लिया। ईस्ट जोन प्रतियोगिता में राज्य के प्रतिभागियों ने 12 पदक हासिल किए, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कौशल विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की ये पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है। आधुनिक प्रशिक्षण, उद्योगों से साझेदारी और बेहतर अधोसंरचना के माध्यम से राज्य कौशल विकास का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभर रहा है।