जिले में अपराधों पर नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना बांकीमोंगरा और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए बिजली तार चोरी के गंभीर मामले का खुलासा महज 24 घंटे के भीतर कर दिया। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों पर पुलिस की मजबूत पकड़ को फिर से साबित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 मई 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी, कटघोरा के सहायक अभियंता रंजीत पैकरा ने थाना बांकीमोंगरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 12-13 मई की रात सिंघाली लोकहित क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने विद्युत पोल को क्षतिग्रस्त कर लगभग 3100 मीटर लंबा विद्युत तार चोरी कर लिया। इस घटना से न केवल विभाग को भारी आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
अपराध क्रमांक दर्ज कर जांच शुरू
रिपोर्ट के आधार पर थाना बांकीमोंगरा में अपराध क्रमांक 108/2026 दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल्स और स्थानीय सूचना तंत्र का उपयोग किया। लगातार निगरानी और साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की और त्वरित दबिश देकर सभी को हिरासत में ले लिया। पुलिस की यह रणनीति बेहद प्रभावी साबित हुई और पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया।5 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मनोज कुमार साहू उर्फ मोनू (कबाड़ी दुकान संचालक, राजीवनगर कटघोरा), विजयपाल कंवर (अमरपुर सिंघाली), शेखर सिंह अगरिया (सिंघाली बस्ती), अनुप कुमार चौहान (सिंघाली बस्ती) और मोहनलाल रोहिदास (जवाली बांकीमोंगरा) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे।
