जिले के लोनीकटरा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। गोमती नदी में नहाने गए दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जब एक भाई गहरे पानी में फंसकर डूबने लगा तो दूसरा उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बचाने की कोशिश में दोनों भाई नदी की गहराई में समा गए और उनकी जान नहीं बच सकी। जानकारी के मुताबिक, बुढ़नापुर गांव निवासी अशोक कुमार पांडेय के बेटे हैप्पी पांडेय (18) और हनी पांडेय (14) अपने चचेरे भाई आर्यन पाल के साथ गोमती नदी में नहाने गए थे। तीनों औसानेश्वर मंदिर के पास स्थित घाट पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक भाई अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे संकट में देखकर दूसरा भाई भी मदद के लिए नदी में उतर गया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वह भी खुद को संभाल नहीं पाया। कुछ ही पलों में दोनों भाई पानी में लापता हो गए।
पुलिस ने की तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद लोनीकटरा और हैदरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाश अभियान शुरू किया गया। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने दोनों भाइयों के शव नदी से बाहर निकाले। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिवार सदमे में
इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों की मां का निधन करीब तीन साल पहले हो चुका था। वे बाराबंकी शहर में अपने बड़े चाचा के साथ रहकर पढ़ाई कर रहे थे और मंगलवार को ही गांव लौटे थे। परिवार ने शायद ही सोचा होगा कि घर आने के अगले ही दिन दोनों बेटे हमेशा के लिए उनसे बिछड़ जाएंगे। हैदरगढ़ कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि गोमती नदी में दो युवकों के डूबने की सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों की टीम ने तत्काल अभियान चलाया। दोनों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
गांव में छाया मातम
दो सगे भाइयों की एक साथ मौत की खबर फैलते ही पूरे बुढ़नापुर गांव में शोक का माहौल बन गया। मृतकों के घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग इस हादसे को लेकर स्तब्ध नजर आए। गांव में दिनभर सिर्फ इसी दुखद घटना की चर्चा होती रही।