बस्तर के दूरस्थ गांवों में जल जीवन मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में आया एक सकारात्मक परिवर्तन बनकर उभरा है। इसकी सबसे मार्मिक तस्वीर तब देखने को मिली जब दुगनपाल गांव की निवासी कमली ने अपने आंगन में लगे नल से बहते पानी को उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव को दिखाया। वर्षों तक पानी के लिए संघर्ष करने वाली कमली की आंखें खुशी से नम हो गईं। उनके चेहरे की मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि घर तक पहुंचे स्वच्छ पेयजल ने उनके जीवन की सबसे बड़ी चिंता को समाप्त कर दिया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लेने तोकापाल विकासखंड के दुगनपाल गांव पहुंचे। यहां उन्होंने कई घरों में जाकर नल कनेक्शन और जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया।
पानी के लिए रोजाना का संघर्ष हुआ खत्म
कुछ समय पहले तक दुगनपाल सहित बस्तर के अनेक गांवों की महिलाओं को रोजाना हैंडपंप, कुएं या अन्य जलस्रोतों से पानी लाना पड़ता था। गर्मियों के दिनों में यह परेशानी और बढ़ जाती थी, जब जलस्रोत सूखने लगते थे और पानी के लिए कई किलोमीटर तक जाना पड़ता था। परिवार की दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी जुटाना महिलाओं के लिए एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी।
महिलाओं को मिला समय और सम्मान
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद बढ़ी है। पहले बरसात में दूषित जल और गर्मियों में घटते जलस्तर के कारण पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती थी, जिससे पेट और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बना रहता था। अब नियमित रूप से शुद्ध जल मिलने से ग्रामीण परिवारों को इन स्वास्थ्य जोखिमों से राहत मिल रही है।
दूरस्थ वनांचलों तक पहुंच रहा विकास
हजारों योजनाएं
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब तक साढ़े आठ हजार से अधिक जलापूर्ति योजनाएं पूर्ण कर संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायतों को सौंपी जा चुकी है। इससे स्थानीय स्तर पर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिला है और योजनाओं के सतत संचालन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।