नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रशिक्षु सैन्य और गैर-सैन्य अधिकारियों के 15 सदस्यीय अध्ययन दल ने आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। अध्ययन दल के साथ संवाद के दौरान प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक समृद्धि और प्रशासनिक उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़: प्रकृति, संस्कृति और संसाधनों का अद्भुत संगम
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना के माध्यम से हरियाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। खनिज संपदा की दृष्टि से भी राज्य समृद्ध है—कोयले से लेकर हीरे तक यहां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य वर्तमान में विद्युत उत्पादन के मामले में सरप्लस है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
नक्सलवाद पर नियंत्रण, विकास को मिली नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सल समस्या अब समाप्ति की ओर है। इससे प्रदेश में शांति और विकास की गति और तेज हुई है। उन्होंने कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” है, जहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही 5 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
विदेशी मेहमानों ने कहा – अद्भुत और यादगार रहा प्रवास
अध्ययन दल में शामिल विदेशी सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताया। उन्होंने राज्य की भौगोलिक विविधता, उर्वर भूमि और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति एवं प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। दल के नेतृत्वकर्ता एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है, जिससे नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही संभव हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण और आवास जैसी योजनाओं का जमीनी स्तर पर सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है, जो राज्य के समग्र विकास को दर्शाता है।
05 दिवसीय अध्ययन दौरे में विभिन्न स्थलों का किया अवलोकन
नेशनल डिफेंस कॉलेज का यह अध्ययन दल 5 दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचा है। इस दौरान अधिकारियों ने नया रायपुर की शहरी योजना, कृषि एवं वन विभाग के कार्यों का अध्ययन किया। दल ने कांकेर स्थित जंगल वारफेयर कॉलेज, कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, सुरक्षाबलों के साहसिक कार्यों और पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात और कोंडागांव के शिल्पग्राम का भ्रमण कर स्थानीय कला और संस्कृति को करीब से समझा। इसके अलावा अधिकारियों ने भिलाई स्टील प्लांट और भिलाई के पुलिस थाना का दौरा कर औद्योगिक और कानून व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की।
66वां प्रशिक्षण कार्यक्रम: वैश्विक दृष्टिकोण के साथ अध्ययन
उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 66वां प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हो रहा है, जिसमें 120 सैन्य एवं गैर-सैन्य अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इसी क्रम में 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ आया है, जिसमें 5 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
समग्र विकास की झलक से प्रभावित हुआ अध्ययन दल
इस मुलाकात ने जहां राज्य की विकास यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया, वहीं अध्ययन दल के सदस्यों को छत्तीसगढ़ की विविधता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्रशासनिक दक्षता को समझने का एक सशक्त माध्यम भी मिला। विदेशी मेहमानों द्वारा व्यक्त की गई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं इस बात का प्रमाण हैं कि छत्तीसगढ़ अब विकास, शांति और संभावनाओं का एक उभरता हुआ मॉडल बन रहा है।
