डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव का समापन रायपुर में भव्य रूप से हुआ। समापन समारोह में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्र लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसका मानव संसाधन होता है। भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जो देश को आगे ले जाने की सबसे बड़ी पूंजी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप कुशल बनाना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
मंत्री ने कहा कि आज का युग निरंतर परिवर्तन का युग है, और इस परिवर्तन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत को महाशक्ति बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि कौशल विकास, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना को नई दिशा देने वाला “इंजन” है। देवांगन ने विकसित भारत 2047 के विजन पर जोर देते हुए कहा कि यह सपना तभी साकार होगा जब विकास की रोशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन का अर्थ केवल बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं, बल्कि हर नागरिक को आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना है।
डिजिटल इंडिया
विकसित भारत 2047
देवांगन ने विकसित भारत 2047 के विजन पर जोर देते हुए कहा कि यह सपना तभी साकार होगा जब विकास की रोशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन का अर्थ केवल बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं, बल्कि हर नागरिक को आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना है। मंत्री ने कहा कि आज मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक घर बैठे सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह परिवर्तन तकनीकी प्रगति और एआई के प्रभाव से संभव हुआ है, जिसने शासन और आम जनता के बीच की दूरी को कम किया है।
