"सांस्कृतिक विरासत" के लिए 115 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
अक्ति पर्व पर गांवों में रचा बच्चों का पुतला-पुतली विवाह, सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हुआ ग्रामीण अंचल
अक्षय तृतीया (अक्ति पर्व) के अवसर पर गांवों में बच्चों द्वारा पुतला-पुतली की प्रतीकात्मक शादी की परंपरा निभाई गई। बच्चे गुड्डे-गुड़ियों को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाकर बारात, हल्दी, फेरे और विदाई जैसी रस्में पूरी करते हैं। ढोलक-थाली के साथ निकली इस बारात में पूरा गांव शामिल होता है और बड़े-बुजुर्ग भी उत्साह बढ़ाते हैं। यह परंपरा ग्रामीण संस्कृति, सादगी और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाती है, साथ ही नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी बनती है।
महासमुंद
अक्षय तृतीया पर चाक की रफ्तार तेज, मिट्टी की मूर्तियों और बर्तनों की बढ़ी मांग
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर मिट्टी के बर्तनों और मूर्तियों की मांग तेजी से बढ़ जाती है, जिसके चलते कुम्हार समुदाय 15–20 दिन पहले से तैयारी में जुट जाता है। काली मिट्टी को आकार देकर, सुखाकर, भट्टी में पकाकर और फिर रंग-रोगन कर तैयार किया जाता है। इस अवसर पर गुड्डा-गुड़िया, कलश और देवी-देवताओं की मूर्तियों की विशेष मांग रहती है। परंपरागत मान्यताओं और धार्मिक आस्था के कारण आज भी मिट्टी के उत्पादों का महत्व बना हुआ है, जो कुम्हारों की आजीविका और सांस्कृतिक विरासत दोनों को संजोए रखता है।
छत्तीसगढ़ में ‘ज्ञानभारतम’ अभियान को रफ्तार, 4 हजार से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे पूर्ण
छत्तीसगढ़ में “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 26 जिलों में समितियों का गठन हो चुका है और 4191 पांडुलिपियों का सर्वे पूरा किया गया है। संस्कृति विभाग के नेतृत्व में प्रशिक्षित टीमों द्वारा जमीनी स्तर पर सर्वे कार्य किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर को खोजकर डिजिटल रूप में संरक्षित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक यह अमूल्य ज्ञान सुरक्षित पहुंच सके।
महासमुंद
खल्लारी धाम में गूंजा आस्था का स्वर : उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने माता के चरणों में नवाया शीश, प्रदेश की खुशहाली की कामना
खल्लारी मेला महोत्सव में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने माँ खल्लारी के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर तक पहुंच मार्ग के सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
महासमुंद
खल्लारी मेला महोत्सव का भव्य आगाज : श्रद्धा, संस्कृति और उत्साह का संगम
महासमुंद जिले के खल्लारी में 5 दिवसीय खल्लारी मेला महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। खल्लारी माता मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद अध्यक्ष केशव नायक रामचंद्राकर ने किया।
महासमुंद
महासमुंद में बेलसोंडा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जोर-शोर से जारी, नवंबर 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य
महासमुंद जिले के बेलसोंडा में राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर 1.23 किलोमीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माणाधीन है। 52.29 करोड़ रुपए की परियोजना में अब तक लगभग 50% भौतिक प्रगति हो चुकी है। फाउंडेशन और सब-स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है, जबकि सुपर-स्ट्रक्चर और आरई वॉल का निर्माण जारी है। ओवरब्रिज के पूरा होने से रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या खत्म होगी, यातायात सुगम होगा और जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
रायपुर
छत्तीसगढ़: छुपे खजाने से उभरता पर्यटन हब, फेम ट्रिप ने खोले संभावनाओं के द्वार
देशभर के टूर ऑपरेटर्स ने देखा ‘हिडन जेम’ छत्तीसगढ़, प्राकृतिक-सांस्कृतिक विरासत को मिला नया मंच