"बिहान योजना" के लिए 16 परिणाम मिले
सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री का अनोखा अंदाज, पीपल पेड़ के नीचे ग्रामीणों संग चौपाल
सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण कर ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई। पीपल पेड़ की छांव तले खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे संवाद किया तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए और कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सुशासन तिहार : आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती लखपति दीदी से करोड़पति दीदी तक की कहानी
कबीरधाम जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम लोखान के कमराखोल में ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद किया। आम के पेड़ के नीचे हुई चौपाल में महिलाओं ने अपने संघर्ष और आत्मनिर्भर बनने की कहानियाँ साझा कीं। बिहान योजना से जुड़ी कई महिलाएं अब “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें और आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित किया।
बदली जिंदगी : बैंक से डरने वाली सकीना बनी आत्मनिर्भर उद्यमी, रोज़ 6-7 हजार की कमाई
छत्तीसगढ़ की “बिहान” योजना (SRLM) के तहत डाड़गांव की सकीना की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। पहले बैंक जाने से घबराने वाली सकीना अब स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर उद्यमी बन गई हैं। डीएमएफ से मिली सीमेंट मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स तथा 60,000 रुपये के ऋण से उन्होंने निर्माण कार्यों में अपना व्यवसाय शुरू किया, जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 6,000–7,000 रुपये की आय हो रही है।
छत्तीसगढ़
दीदी के बखरी से बदली तस्वीर : कांकेर की 3,364 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, 25 हजार तक पहुंच रही मासिक आय
कांकेर जिला में “दीदी के बखरी” पहल के तहत महिलाएं सब्जी बाड़ी, मुर्गी पालन, मछली पालन और वनोपज संग्रहण से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बिहान योजना के अंतर्गत 3364 महिलाएं इस मॉडल से जुड़ी हैं और हर महीने 20-25 हजार रुपए तक कमा रही हैं। आने वाले समय में 10,780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिल रही है।