"वन विभाग" के लिए 295 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
हाथियों का आतंक: युवक की मौत के बाद सड़क पर उतरे ग्रामीण, चक्का जाम कर मुआवजे व नौकरी की मांग
सूरजपुर जिले के अंबिकापुर–प्रतापपुर मार्ग पर जंगली हाथी के हमले में एक युवा किसान केशव भोय की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने कल्याणपुर चौक पर शव रखकर सड़क जाम किया और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी, बच्चों की मुफ्त शिक्षा और मुआवजा राशि 6 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की मांग की।
छत्तीसगढ़
नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर-2 प्रोजेक्ट की शुरुआत : सीएम साय सुकमा पहुंचे, 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
सुकमा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 308 करोड़ रुपए के 228 विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें 159 का शिलान्यास और 69 का लोकार्पण शामिल है। नक्सल प्रभावित बस्तर में अब तेजी से शांति और विकास लौट रहा है—3 हजार से अधिक नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, गांवों में स्कूल और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत 1100 टीमें घर-घर जांच करेंगी, वहीं महिलाओं, आदिवासियों और दिव्यांगों को योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है।
गरियाबंद
गजब का प्रस्ताव : छोटू देख नहीं सकता और विभाग कह रहा है वंश में वृद्धि करने जंगल जाओ
छोटू की कहानी दरअसल एक वन्यजीव की नहीं, उस सोच की कहानी बन गई है जहां संरक्षण और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बार-बार डगमगाता नजर आता है। यह फैसला अगर उसे सम्मानजनक जीवन देने की कोशिश है, तो उसकी तैयारी कहीं नजर नहीं आती।
महासमुंद
झलप में बायसन अलर्ट : 4 बायसन पहुंचे रिहायशी इलाके में, ट्रैफिक रोककर सुरक्षित जंगल भेजा गया
बारनवापारा अभ्यारण्य से भटके चार जंगली बायसन झलप क्षेत्र में पहुंच गए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लखनपुर में किसानों ने शोर मचाकर फसल को नुकसान से बचाया। बायसनों के हाईवे की ओर बढ़ने पर वन विभाग ने ट्रैफिक रोककर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घंटों की मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित कुर्रूभाठा के जंगल में पहुंचा दिया।
राजनांदगांव
बूढ़ादेव पहाड़ी में भीषण आग, 4 घंटे बाद पहुंचा प्रशासन
बूढ़ादेव पहाड़ी में शुक्रवार शाम लगी भीषण आग तेजी से फैल गई और आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए खतरा बन गई। स्थानीय लोगों ने शुरुआती प्रयास किए, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण आग पर काबू नहीं पा सके। करीब चार घंटे बाद प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रात में आग को नियंत्रित किया गया। घटना के बाद प्रशासन की देर से प्रतिक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
रायपुर
मगरमच्छ संरक्षण से बदली कोटमीसोनार की तस्वीर
पर्यटन और रोजगार को मिला नया आयाम
विदेश
विदेशी अधिकारियों ने सराहा छत्तीसगढ़ का मॉडल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात में दिखा विकास का विजन
विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की छवि: नेतृत्व, विकास और संस्कृति से प्रभावित दुनिया