"मछली पालन" के लिए 33 परिणाम मिले
राज्य सरकार
धमतरी के भोथापारा में जल संरक्षण और मत्स्य पालन से ग्रामीण परिवार बने आत्मनिर्भर
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के भोथापारा गांव में आजीविका डबरी योजना ने आदिवासी परिवारों को आर्थिक मजबूती दी है। वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधा और मत्स्य पालन के जरिए परिवारों की आय बढ़ी और पलायन पर रोक लगी।
कोरिया
मोर गांव मोर पानी अभियान : कोरिया में संवरे 93 तालाब, किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत कोरिया जिले में जल संरक्षण को लेकर बड़ी पहल की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले दो वर्षों में 93 पुराने तालाबों का गहरीकरण और पुनरुद्धार कार्य पूरा किया है। करीब 7.87 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन जल संसाधनों से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, महिलाओं को आजीविका के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सृजन भी हुआ है।
रायपुर
अवैध प्लॉटिंग : राजिम में भू-माफियाओं का दुस्साहस, सरकारी जमीन और जलस्रोतों पर कब्जे का आरोप
Summary:
छत्तीसगढ़ के राजिम में अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-माफिया कृषि भूमि पर बिना डायवर्सन कॉलोनी काटने के साथ तालाब और सिंचाई नहर को भी पाटकर रास्ते बना रहे हैं। शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
राज्य सरकार
विकास को नई दिशा : मनरेगा की आजीविका डबरी से बदली किसान की किस्मत
सरगुजा जिले के ग्राम अडची में मनरेगा के तहत बनी आजीविका डबरी किसान देवानंद के लिए आय और सिंचाई का मजबूत साधन बन गई है। लगभग 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस डबरी से वे खेती की सिंचाई के साथ-साथ मत्स्य पालन भी कर रहे हैं, जिससे उनकी अतिरिक्त आय बढ़ रही है।
सुशासन तिहार : लेमरू पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जनसमस्याएं सुनीं और विकास कार्यों की दी सौगात
विष्णु देव साय ने लेमरू में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में कहा कि सरकार जनता की सेवा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए गांव-गांव पहुंच रही है। 1 मई से 10 जून तक चल रहे इस अभियान के तहत योजनाओं की समीक्षा और आम लोगों से सीधा संवाद किया जा रहा है। शिविर में महिलाओं, किसानों, वनवासियों और गरीब परिवारों के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास और तेंदूपत्ता संग्रहण दर वृद्धि प्रमुख हैं। लखनलाल देवांगन और ओ.पी. चौधरी ने सरकार की उपलब्धियों और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने लेमरू क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की तथा मेधावी विद्यार्थियों और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता वितरित की।
सुशासन की मिसाल : समाधान शिविर बना उम्मीद का केंद्र, ग्रामीणों को मिली त्वरित राहत
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के चिचिरदा ग्राम पंचायत में सुशासन तिहार अभियान के तहत विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। “जनता के द्वार पर दस्तक” पहल के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
सुशासन तिहार : दंतेवाड़ा में शिविरों से ग्रामीणों को त्वरित समाधान और आधुनिक उपकरणों का लाभ
दंतेवाड़ा जिले में चल रहे कलस्टर वार सुशासन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को जाल और आईस बॉक्स जैसे आधुनिक उपकरण निःशुल्क दिए जा रहे हैं, जिससे उनका जीवन और व्यवसाय आसान हो रहा है। भूसारास और हल्बारास के शिविरों में मत्स्य विभाग ने कई किसानों को लाभान्वित किया। हिड़मा मण्डावी को मछली पकड़ने के लिए जाल मिला, जिससे उनकी लागत कम होगी और आय बढ़ेगी। महादेव मरकाम को आईस बॉक्स मिला, जिससे मछलियों के खराब होने की समस्या समाप्त होगी।
छत्तीसगढ़
भुरकोनी के मत्स्य कृषक अब्दुल जमील ने 30 एकड़ के आधुनिक फिश फार्म से रची सफलता की नई मिसाल
अब्दुल जमील, ग्राम भुरकोनी (बागबाहरा), ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रशिक्षण लेकर मछली पालन को आधुनिक और लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया। वर्ष 2000 में छोटे स्तर से शुरुआत करने वाले जमील आज लगभग 30 एकड़ में फैले फिश फार्म का संचालन करते हैं, जहाँ वे रोहू, कतला, मृगाल, पंगास और तिलापिया जैसी मछलियों के साथ-साथ बीज उत्पादन भी करते हैं।
छत्तीसगढ़
दीदी के बखरी से बदली तस्वीर : कांकेर की 3,364 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, 25 हजार तक पहुंच रही मासिक आय
कांकेर जिला में “दीदी के बखरी” पहल के तहत महिलाएं सब्जी बाड़ी, मुर्गी पालन, मछली पालन और वनोपज संग्रहण से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बिहान योजना के अंतर्गत 3364 महिलाएं इस मॉडल से जुड़ी हैं और हर महीने 20-25 हजार रुपए तक कमा रही हैं। आने वाले समय में 10,780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिल रही है।