"सिरपुर" के लिए 36 परिणाम मिले
महासमुंद
अनोखी पहल : नवा बिहान से सजग हो रहा जिला, डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगों के खिलाफ चौपाल लगाकर दी जा रही सीख
महासमुंद पुलिस ने नवा बिहान अभियान के तहत जिलेभर में साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया ठगी और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। एक सप्ताह में 500 से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा, डायल-112 और संवाद व्हाट्सएप हेल्पलाइन के उपयोग की जानकारी दी गई।
राज्य सरकार
निरीक्षण : नाबार्ड अधिकारी ने महासमुंद में पैक्स संचालन और वित्तीय योजनाओं की समीक्षा की
नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक गोवर्धन सिंह रावत ने महासमुंद जिले का दौरा कर भोरिंग और रायतुम पैक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को समय पर केसीसी ऋण उपलब्ध कराने और पैक्स के कम्प्यूटरीकरण को गति देने के निर्देश दिए। सिरपुर में आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर में उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी, विभिन्न ऋणों का वितरण किया तथा छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा का लोकार्पण भी किया।
महासमुंद
आरोप : तुमगांव निवेश क्षेत्र 2041 पर सवाल, उद्योग व जंगल नीति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि अमर चंद्राकर ने तुमगांव निवेश क्षेत्र विकास योजना 2041 को लेकर कलेक्ट्रेट बैठक को महज औपचारिकता बताया और आरोप लगाया कि सरकार 12 गांवों के हजारों लोगों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि योजना में पहले से मौजूद उद्योगों को शामिल न कर और कृषि भूमि वाले गांवों को बाहर रखकर असंतुलित विकास की तैयारी की जा रही है।
रायपुर
विकास : नक्सलमुक्त बस्तर अब आर्थिक और तकनीकी हब बनने को तैयार
नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलमुक्त बस्तर के लिए व्यापक विकास रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, डेयरी क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और पर्यटन को रोजगार के बड़े स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना साझा की।
महासमुंद
नवा बिहान अभियान : साइबर ठगी, नशा और अपराध के खिलाफ बना जनता का सुरक्षा कवच
महासमुंद पुलिस का “नवा बिहान” अभियान साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, नशाखोरी और सामाजिक अपराधों के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता पहल है। पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी से सतर्क रहने, संदिग्ध लिंक व ऐप से बचने और किसी भी आपात स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930, www.cybercrime.gov.in, “संवाद” व्हाट्सएप हेल्पलाइन और डायल-112 का उपयोग करने की अपील की है।
रायपुर
भारत की नई रफ्तार : रायपुर से विशाखापट्टनम तक विकास का मेगा कॉरिडोर
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को नई गति देगी। इस कॉरिडोर से छत्तीसगढ़ को विशाखापट्टनम पोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा और किसानों, उद्योगों तथा स्थानीय व्यवसायों को बड़ा लाभ होगा।
नेचर कैंप : जंगल ट्रेकिंग से जैव विविधता तक, बारनवापारा कैंप में बच्चों ने जाना प्रकृति का महत्व
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बारनवापारा अभयारण्य के पास देवपुर में आयोजित समर नेचर कैंप में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के 65 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। कैंप में बच्चों को जंगल ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग, वाइल्डलाइफ सफारी, टेंट कैंपिंग और जैव विविधता संरक्षण की जानकारी दी गई। विश्व जैव विविधता दिवस पर बच्चों को औषधीय पौधों और पारंपरिक वन ज्ञान से भी परिचित कराया गया।
कृषि जागरूकता : किसानों को आधुनिक खेती एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किया गया जागरूक
विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के पांचों विकासखंडों के 10 ग्रामों में जागरूकता एवं समाधान शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा किसानों को शासन की योजनाओं, संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक खेती की तकनीकों एवं जैविक खेती के संबंध में जानकारी दी गई।
समीक्षा : मुख्य सचिव विकासशील ने सिंचाई योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर दिया जोर
छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-अर्जन और वन स्वीकृति जैसी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कर परियोजनाओं में तेजी लाई जाए ताकि किसानों को जल्द लाभ मिल सके। बैठक में पैरी-कोडार लिंक नहर, मोहमेला-सिरपुर बैराज और मटनार बहुउद्देशीय परियोजना सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
छत्तीसगढ़
आदेश बेअसर : ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, नहीं लौटे 52 स्वास्थ्यकर्मी, मूल पदस्थापना पर जॉइनिंग से बच रहे
महासमुंद जिले में संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश के बावजूद 52 स्वास्थ्यकर्मी अब तक अपने मूल पदस्थापना स्थल पर जॉइनिंग नहीं दे रहे हैं। आदेश के 12 दिन बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सीएमएचओ ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कीर्तिमान अतिथि
आस्था के केंद्रों को सशक्त बनाने में जुटा मंदिर महासंघ, संयोजक दाऊलाल ने पारदर्शिता, सुरक्षा और स्वायत्तता को बताया जरूरी
खल्लारी में हाल ही में हुई रोपवे दुर्घटना को उन्होंने दुखद बताया, लेकिन उससे भी अधिक चिंताजनक बात उनके अनुसार यह है कि दुर्घटना की जांच के नाम पर मंदिर ट्रस्टियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका तर्क बिल्कुल स्पष्ट है कि मंदिर ट्रस्ट का दायित्व मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं की व्यवस्था तक सीमित है, न कि किसी तकनीकी ढांचे जैसे रोपवे के रख-रखाव तक
महासमुंद
बिरकोनी की मां चण्डी हर मनोकामना पूरी करती हैं
मंदिर लाखों लोगों की आस्था का केन्द्र