"धार्मिक आयोजन" के लिए 88 परिणाम मिले
रायपुर
आस्था का संदेश : सोमनाथ को नमन करने निकला छत्तीसगढ़, साथ ले गया अपनी धरती की खुशबू
रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा में 1000 से अधिक श्रद्धालु, कलाकार और साहित्यकार शामिल हुए, जो छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन माटी और नदियों का जल सोमनाथ धाम में अर्पित करेंगे।
रायपुर
खत्म हुआ इंतजार : सीएम साय के निर्देश से आदिवासी समाज में दौड़ी खुशी की लहर
बड़ा संदेश इस फैसले को सिर्फ एक पूजा की अनुमति के रूप में नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आदिवासियों की मूल संस्कृति जल-जंगल-जमीन की परंपराओं और उनकी धार्मिक आस्था को सहेजने की एक बड़ी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
नागद्वारी मेला : सतपुड़ा के घने जंगलों में सुरक्षा सख्त, कलेक्टर ने खुद पैदल नापे दुर्गम रास्ते
प्रशासनिक मुस्तैदी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए कलेक्टर सोमेश मिश्रा और एसपी साई कृष्ण एस. थोटा ने अधिकारियों की टीम के साथ जलगली, नागफनी और स्वर्गद्वार जैसे अत्यंत दुर्गम, पथरीली और जंगली रास्तों पर कई किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर सघन निरीक्षण किया।
धर्म
भक्ति का समागम : रायपुर में होगी देवकीनंदन ठाकुर की भागवत कथा, श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
रायपुर में पहली बार विश्व प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज के सानिध्य में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होने जा रहा है। यह धार्मिक कार्यक्रम 8 से 14 जुलाई तक बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित होगा। प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से कथा का वाचन किया जाएगा।
धर्म
घुचापाली में 18 जून से श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ, अयोध्या की साध्वी राधिका किशोरी सुनाएंगी कथा
ग्राम घुचापाली में 18 से 24 जून तक श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ एवं कथा महोत्सव का आयोजन होगा। श्रीधाम अयोध्या की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका साध्वी राधिका किशोरी जी भागवत कथा का वाचन करेंगी। आयोजन का शुभारंभ 18 जून को सुबह 9 बजे कलश यात्रा से होगा, जबकि प्रतिदिन शाम 5 बजे कथा आयोजित की जाएगी।
धर्म
आस्था का पर्व : भगवान मुनिसुव्रत स्वामी के विद्या अनुष्ठान में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
राजधानी रायपुर के मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी में 20वें जैन तीर्थंकर भगवान श्री मुनिसुव्रत स्वामी के सम्मान में भव्य विद्या अनुष्ठान पूजा का आयोजन किया गया। जैन मुनियों की पावन निश्रा में सुबह 7 बजे से शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में 163 कलशों के साथ विशेष पूजा संपन्न हुई।
रायपुर
अनुशासन की मिसाल : वक्फ बोर्ड का बड़ा फैसला, मोहर्रम और उर्स में डीजे-धुमाल पर पूर्ण प्रतिबंध
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मोहर्रम, उर्स और अन्य इस्लामी धार्मिक आयोजनों में डीजे, धुमाल, हाई-डेसिबल साउंड सिस्टम और आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने सभी ताजिया, उर्स और दरगाह समितियों को धार्मिक कार्यक्रमों को कुरआन, हदीस और शरीयत के अनुसार आयोजित करने तथा उनकी पवित्रता और गरिमा बनाए रखने को कहा है।
धर्म
गहन चिंतन : गौ कथा में गूंजा गौ माता की पीड़ा का स्वर
नवापारा-राजिम स्थित श्री गोपाल गौशाला में आयोजित गौ भागवत कथा में गौ माता की वर्तमान दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। कथा व्यास पंडित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि आज गायें सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं, कचरा खाकर बीमार हो रही हैं और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का शिकार बन रही हैं।
धर्म
भक्ति की धारा : साध्वी राधिका किशोरी ने बसना के श्रद्धालुओं को बताया मोक्ष का मार्ग
बसना के सना नगर स्थित मंडी प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। गायत्री मंदिर से निकली यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने कलश धारण कर भाग लिया। श्रीमद् भागवतकथा की प्रख्यात विश्लेषक कथा मर्मज्ञ साध्वी राधिका किशोरी ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए इसे मोक्ष का मार्ग बताया।
धर्म
आषाढ़ मास का शुभारंभ : भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की आराधना का पावन समय शुरू
पूर्णिमा तिथि के समापन के साथ हिंदू पंचांग का पवित्र आषाढ़ मास शुरू हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा, दान-पुण्य, जप-तप और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष महत्व रखता है। आषाढ़ मास में आने वाली देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का भी आरंभ होता है, जिसे सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान देशभर के विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों का क्रम शुरू हो गया है।
धर्म
चतुर्दशी विशेष : भगवान जगन्नाथ की अधूरी मूर्तियों के पीछे की दिव्य कहानी
चतुर्दशी तिथि से जुड़ी भगवान जगन्नाथ के प्राकट्य की यह पौराणिक कथा भक्ति, धैर्य और विश्वास का संदेश देती है। मान्यता है कि राजा इंद्रद्युम्न की तपस्या और भगवान विष्णु की कृपा से पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दिव्य स्वरूप प्रकट हुए, जिनकी आज भी श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है।
धर्म
सनातन संस्कृति महोत्सव : लखनऊ में होगी पद्मविभूषण रामभद्राचार्य जी की श्रीराम कथा
पद्मविभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज की भव्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन 1 से 9 जून 2026 तक लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में किया जाएगा। प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक होने वाली इस कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों पर विस्तृत प्रवचन होंगे। देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे राजधानी लखनऊ नौ दिनों तक भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगी रहेगी।