"चुनाव आयोग" के लिए 76 परिणाम मिले
चुनाव
बंगाल चुनाव : पहले चरण की वोटिंग से पहले प्रचार थमा, कड़ी सुरक्षा के बीच 23 को मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें करीब 3.60 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। चुनाव से पहले प्रचार खत्म हो चुका है और सभी दलों ने आखिरी जोर लगा दिया। Election Commission of India ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं—हजारों केंद्रीय बल, संवेदनशील बूथों की निगरानी और क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात हैं। राजनीतिक मुकाबला मुख्य रूप से All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। कुल मिलाकर, यह चरण कड़ी सुरक्षा, बड़े राजनीतिक दांव और तीखे मुकाबले के कारण बेहद अहम माना जा रहा है।
देश
प्रशासनिक फेरबदल : यूपी के 40 IAS अधिकारियों के तबादले, 15 जिलों के डीएम बदले गए
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 40 IAS अधिकारियों के तबादले किए और 15 जिलों के जिलाधिकारियों को बदल दिया। कई अहम विभागों जैसे परिवहन और ऊर्जा में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए। परिवहन आयुक्त और UPPCL के MD सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं। साथ ही, कई युवा अधिकारियों को पहली बार जिलों की कमान सौंपी गई। इस बदलाव को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और संभावित चुनावी तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
देश
बंगाल-तमिलनाडु चुनाव : मीडिया कवरेज पर कड़ा पहरा, मतदान कक्ष में फोटो-वीडियो पूरी तरह प्रतिबंधित
इस बार आयोग की सख्ती चुनावी पारदर्शिता को और मजबूत करेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगी कि मीडिया अपनी भूमिका जिम्मेदारी के साथ निभाए, बिना किसी नियम उल्लंघन के। कुल मिलाकर, बंगाल और तमिलनाडु के इन अहम चुनावों में जहां एक ओर राजनीतिक मुकाबला तेज है, वहीं दूसरी ओर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी प्रक्रिया की मर्यादा और निष्पक्षता सर्वोपरि रहेगी।
देश
UP Voters List 2026 : बीजेपी के गढ़ में ही कटे सबसे ज्यादा वोट, बदलेगा खेल या बनेगी नई रणनीति?
उत्तर प्रदेश की SIR फाइनल वोटर लिस्ट 2026 में 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिसमें सबसे ज्यादा कटौती बीजेपी के गढ़ वाले इलाकों में हुई है। लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज और कानपुर जैसे शहरों में 18–23% तक वोट घटे हैं, जबकि मुस्लिम बहुल जिलों में अपेक्षाकृत कम असर देखा गया।