"नारायणपुर" के लिए 102 परिणाम मिले
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
देश
अबूझमाड़ में नक्सल प्रहार : सुरक्षाबलों की कार्रवाई से माओवादियों में हड़कंप, इलाके में सर्चिंग जारी
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र सीमा के पास चलाए गए सर्च ऑपरेशन में जवानों ने 1 करोड़ 1 लाख 64 हजार रुपये नकद, AK-47, SLR और .303 राइफलों समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। यह कार्रवाई सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री का उपयोग नक्सली संगठन हमलों और हथियार संचालन में करने वाले थे। पिछले दो वर्षों में नारायणपुर पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान 265 हथियार जब्त किए हैं।
छत्तीसगढ़
विकास की सौगात : कुनकुरी को मुख्यमंत्री ने 16.05 करोड़ के 12 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जशपुर के कुनकुरी क्षेत्र के कलिबा में 16.05 करोड़ रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदन शामिल हैं।
जशपुर
सरकार की प्राथमिकता : कलिबा में मुख्यमंत्री ने किया विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
छत्तीसगढ़ के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कलिबा में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने लगभग 16.05 करोड़ रुपये की लागत से 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें सड़क, पुल, स्कूल भवन और हाट बाजार जैसे कई बुनियादी ढांचे शामिल हैं। मुख्य रूप से 12.86 करोड़ रुपये के 8 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया, जिनमें दो बड़े पुल, हाट बाजार और विद्यालय भवन शामिल हैं।
नारायणपुर
जनसेवा की मिसाल : ITBP जवानों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से तैयार किया टिकाऊ पुल
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर-बस्तर स्थित दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी की 38वीं बटालियन ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 60 मीटर लंबा मजबूत लकड़ी और बांस का पुल बनाया है। यह पुल ओरछा थाना क्षेत्र के पास कुड़मेल गांव में तैयार किया गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन की बड़ी समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। इस निर्माण कार्य में आईटीबीपी जवानों ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर काम किया, जिससे सुरक्षा बल और समुदाय के बीच सहयोग और विश्वास और मजबूत हुआ। पुल को इतना टिकाऊ बनाया गया है कि इससे पैदल यातायात के साथ-साथ मोटरसाइकिल भी सुरक्षित रूप से गुजर सकती है।
नारायणपुर
नक्सलियों के मंसूबे नाकाम : सुरक्षाबलों ने अबूझमाड़ के जंगलों से हथियारों का जखीरा किया बरामद
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर (अबूझमाड़) क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के हथियारों के गुप्त भंडार (डंप) को बरामद कर उनकी एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। BSF की 135वीं वाहिनी ने कोहकामेटा थाना क्षेत्र के टोके उपरपारा गांव के पास इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई FGT नारायणपुर से मिले एक ठोस इनपुट के आधार पर की गई, जिसमें घने जंगल में हथियारों के छिपे होने की सूचना थी।
रायगढ़
नशे के खिलाफ कार्रवाई : स्कूटी पर ओडिशा से लाया जा रहा था गांजा, घेराबंदी कर 3 तस्कर गिरफ्तार
रायगढ़ पुलिस ने ओडिशा से गांजा तस्करी कर रहे तीन अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया। संबलपुरी में नाकेबंदी के दौरान स्कूटी से 18.1 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 1.81 लाख रुपये बताई गई। आरोपियों ने कबूल किया कि वे गांजा रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बेचने वाले थे। शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
डिजिटल क्रांति : ताहकाडोंड में मोबाइल टावर से टूटा नो नेटवर्क का सन्नाटा, गांव सीधे जुड़ा दुनिया से
छत्तीसगढ़ के Chhattisgarh के बस्तर संभाग स्थित Narayanpur district के सुदूर गांव Tahkadonod village में मोबाइल टावर लगने से लंबे समय से चला आ रहा संचार का सन्नाटा खत्म हो गया है। अबूझमाड़ क्षेत्र के इस गांव और आसपास के इलाकों में लोग अब घर बैठे मोबाइल नेटवर्क से जुड़कर आसानी से बातचीत कर पा रहे हैं। पहले जहां फोन करने के लिए पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता था, वहीं अब आपातकालीन सेवाएं, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच संभव हो गई है। यह बदलाव ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक अवसरों में बड़ी सुविधा लेकर आया है। कुल मिलाकर यह पहल दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
छत्तीसगढ़
विस्फोट : कांकेर में सुरक्षाबलों पर नक्सली प्रहार, IED ब्लास्ट में तीन जवान शहीद
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में कांकेर-नारायणपुर सीमा के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र में डी-माइनिंग अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए IED में विस्फोट हो गया। इस हादसे में तीन DRG जवान शहीद हो गए और एक जवान गंभीर रूप से घायल है। जवान इलाके में छिपे विस्फोटकों को निष्क्रिय करने का अभियान चला रहे थे, तभी यह विस्फोट हुआ। घटना के बाद घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर सर्च ऑपरेशन जारी है।
शिक्षा का नया रूप : छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्र बने ‘पहली पाठशाला’ के सशक्त उदाहरण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पोषण केंद्रों से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BALA)’ पहल के तहत बनाए गए आधुनिक भवनों में दीवारों, फर्श और सीढ़ियों को शिक्षण सामग्री में बदल दिया गया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। मनरेगा के माध्यम से इन केंद्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और पलायन में कमी आई है।
छत्तीसगढ़
रोशनी का पहला सवेरा : 78 साल बाद अबूझमाड़ के इतापानार में जला पहला बल्ब, जागती आंखों ने देखा इतिहास
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दुर्गम इतापानार गांव में आजादी के 78 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची। ₹56.11 लाख की लागत से पूरा हुआ यह प्रोजेक्ट न सिर्फ अंधेरा मिटाता है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए द्वार भी खोलता है। पूरी रात जागकर ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक पल को महसूस किया।
अन्य
प्रशासनिक शिविर : सुशासन एक्सप्रेस से 242 आवेदनों का मौके पर निस्तारण
नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के सुदूर लंका गांव में पहली बार दो दिवसीय प्रशासनिक शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ जिला प्रशासन ने कठिन रास्तों को पार कर ग्रामीणों तक सीधे पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान किया। इस शिविर की खास बात ‘सुशासन एक्सप्रेस’ रही, जिसके माध्यम से आधार, जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएँ मौके पर ही दी गईं। कुल 310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 242 का तत्काल निस्तारण किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मनरेगा, राशन कार्ड और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आवेदन प्रमुख रहे। अब तक इस मोबाइल सेवा के जरिए 17,520 आवेदनों का समाधान किया जा चुका है।