छत्तीसगढ़ में इस बार मौसम का मिजाज वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरान कर रहा है। अमूमन जून के इस पखवाड़े में जहां पूरे प्रदेश को मानसून अपनी आगोश में ले लेता था, वहीं इस साल स्थिति बिल्कुल उलट है। मानसून के दस्तक देने के बावजूद राज्य के मध्य हिस्सों में बारिश होने की बजाय गर्मी के तेवर तीखे हो गए हैं और मौसम विभाग को बकायदा ग्रीष्मलहर (हीट वेव) की चेतावनी जारी करनी पड़ रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगले पांच दिनों के दौरान कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें गिरने की उम्मीद भी जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई मजबूत सिस्टम एक्टिव नहीं हो पाया है, जिसके चलते मानसून की यह सुस्ती टूटने का नाम नहीं ले रही।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जून के शुरुआती 21 दिनों में पूरे राज्य में महज 32.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी कम है। आलम यह है कि प्रदेश का एक भी जिला अब तक अपने जून महीने के औसत बारिश के कोटे को छू नहीं पाया है। यदि पिछले साल से इसकी तुलना करें, तो बीते वर्ष 21 जून तक मानसून छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में पहुंच चुका था, लेकिन इस बार तो यह बस्तर के मुख्य इलाकों में भी ढंग से प्रवेश नहीं कर पाया है।
अगले 48 घंटे भारी: 5 डिग्री तक चढ़ेगा पारा
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां 23 जून के आसपास बनती दिख रही हैं। लेकिन उससे पहले अगले दो दिन मध्य छत्तीसगढ़ के लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इन इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है, जिससे लू (हीट वेव) जैसे हालात बनेंगे।
8 जिलों में आंधी-तूफान और आकाशीय अलर्ट
भले ही मध्य छत्तीसगढ़ तप रहा हो, लेकिन मौसम विभाग ने सोमवार सुबह राज्य के दक्षिणी और सीमावर्ती इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, धमतरी और गरियाबंद जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज रफ्तार हवाएं चलने, बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की प्रबल आशंका है, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।बिलासपुर में गर्मी का 'टॉर्चर' सबसे ज्यादा
रविवार को प्रदेश का बिलासपुर जिला सबसे ज्यादा तपा, जहां पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया और लोग झुलसती गर्मी से परेशान रहे। इसके विपरीत, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां रातें थोड़ी ठंडी और राहत भरी रहीं।