बिलासपुर के तोरवा थाने में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरत में डाल दिया। सोशल मीडिया पर जिस इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए अश्लील संदेश भेजने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया था, उसकी असली ऑपरेटर खुद शिकायतकर्ता युवती ही निकली। बिलासपुर पुलिस की टेक्निकल सेल ने जब इस मामले की बारीकी से जांच की, तो झूठी शिकायत की एक-एक परत खुलती गई। पुलिस ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर एक युवक को बदनाम करने के आरोप में 26 वर्षीय युवती प्रीति सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर लिया है, और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले की शुरुआत 15 मई 2026 को हुई, जब तिफरा के रहने वाले संजय रात्रे ने तोरवा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। संजय का कहना था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल करके एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी चला रहा है। इस आईडी से लगातार अश्लील और धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे थे, जिससे समाज में उसकी छवि खराब हो रही थी। संजय की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 253/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की धारा 351(3), 356, 308(1) बी और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत केस दर्ज कर मामले को साइबर सेल को सौंप दिया।
साइबर जांच में सामने आई पूरी सच्चाई
जब साइबर एक्सपर्ट्स ने उस विवादित इंस्टाग्राम अकाउंट के डिजिटल फुटप्रिंट्स, आईपी एड्रेस और सोशल मीडिया लॉग्स को
शुरू किया, तो कहानी पूरी तरह पलट गई। टेक्निकल इनवेस्टिगेशन में पता चला कि इस फर्जी आईडी को कोई और नहीं, बल्कि तोरवा के शिव मंदिर के पास रहने वाली 26 साल की प्रीति सूर्यवंशी (पिता संतोष सूर्यवंशी) ही ऑपरेट कर रही थी। इस खुलासे ने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया, क्योंकि प्रीति इस मामले की एक कड़ी से पहले ही जुड़ी हुई थी। पुलिस की विवेचना में एक और चौंकाने वाला सच सामने आया। दरअसल, इसी साल 1 जनवरी 2026 को प्रीति सूर्यवंशी ने खुद तोरवा थाने में संजय रात्रे के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि संजय अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से उसे ब्लैकमेल कर रहा है और अश्लील तस्वीरें भेज रहा है। लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी रूप से दोनों शिकायतों को क्रॉस-वेरिफाई किया, तो पता चला कि प्रीति ने खुद अपने मोबाइल से खुद को ही मैसेज भेजे थे। इसके बाद उसने उन चैट्स के स्क्रीनशॉट लिए और संजय को फंसाने के लिए पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज करा दी।
प्यार की रंजिश में रची साजिश, खुद फंसी युवती
पूछताछ और शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि संजय और प्रीति पहले रिलेशनशिप में थे। बाद में दोनों के बीच अनबन हो गई, जिसके बाद प्रीति ने संजय से बदला लेने और उसे समाज में बदनाम करने के लिए यह पूरी साजिश रची। उसने बड़े शातिर तरीके से फर्जी प्रोफाइल तैयार की, लेकिन वह पुलिस के डिजिटल रडार से नहीं बच सकी। फिलहाल पुलिस इस मामले से जुड़े सभी डिजिटल सबूतों और फोन डेटा की विस्तृत फोरेंसिक जांच कर रही है। बिलासपुर पुलिस के इस खुलासे ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर पहचान छुपाकर किसी की जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश करने वाले अब कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।