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ट्रैफिक पुलिस का ऑटो चेकिंग अभियान
ट्रैफिक पुलिस का ऑटो चेकिंग अभियान
बिलासपुर

सफर की गारंटी : ट्रैफिक पुलिस का महा-अभियान यूनिफॉर्म से तय होगी ऑटो चालकों की पहचान 

अल्टीमेटम समाप्त चालकों को यूनिफॉर्म सिलवाने के लिए पहले 7 दिन की मोहलत दी गई थी, जिसकी समय-सीमा खत्म होते ही पुलिस ने बिना ड्रेस, बिना दस्तावेज और नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ के तहत अभियान शुरू कर दिया है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 18 Jun 2026, 03:41 PM · अपडेट: 03 Nov 2026, 08:56 PM
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

न्यायधानी बिलासपुर की सड़कों को सुरक्षित, व्यवस्थित और जाम-मुक्त बनाने के लिए यातायात पुलिस अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुकी है। शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पुलिस ने अपने चेकिंग अभियान की रफ्तार को दोगुना कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 100 से अधिक ऑटो चालकों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस औचक कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया है।

इस बड़े अभियान को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रामगोपाल करियारे ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन पिछले कई दिनों से लगातार ऑटो यूनियनों और चालकों के साथ बैठकें कर रहा था।

यूनिफॉर्म से तय होगी चालकों की असली पहचान

यातायात पुलिस के मुताबिक, ऑटो चालकों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य करना केवल एक औपचारिकता या नियम नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। बिलासपुर शहर में रोजाना हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग ऑटो सेवा का लाभ लेते हैं। यात्रियों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि उन्हें पता हो कि उन्हें ले जाने वाला चालक पंजीकृत और प्रामाणिक है।

अपराध और विवादों पर लगेगी लगाम

पुलिस प्रशासन का मानना है कि ड्रेस कोड लागू होने से किसी भी अप्रिय घटना, विवाद, दुर्घटना या आपराधिक गतिविधि की स्थिति में आरोपी चालक की पहचान करना बेहद आसान हो जाएगा। कई बार असामाजिक तत्व ऑटो का गलत इस्तेमाल करते हैं, जिस पर अब लगाम कसी जा सकेगी। इसके साथ ही, पुलिस ने साफ कर दिया है कि रात के समय या दिन में शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन कर ऑटो दौड़ाने वाले चालकों पर विशेष नजर रखी जा रही है और उनके खिलाफ सीधे 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।

सात दिन की मोहलत खत्म

गौरतलब है कि बिलासपुर यातायात पुलिस ने ऑटो चालकों को खुद में सुधार करने और अपनी निर्धारित यूनिफॉर्म सिलवाने के लिए पूरे 7 दिनों का समय (मोहलत) दिया था। इस समय सीमा के समाप्त होते ही पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर चेकिंग पॉइंट लगा दिए। जो भी चालक बिना ड्रेस, बिना वैध दस्तावेजों या क्षमता से अधिक सवारी बैठाए मिला, उस पर तत्काल मौके पर ही कार्रवाई की गई।

एक महीने का रिपोर्ट कार्ड

यातायात विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले महज एक महीने के भीतर नियम तोड़ने वाले कुल 1,177 ऑटो चालकों पर शिकंजा कसा गया है। इनमें से कई चालकों के खिलाफ मौके पर ही समन शुल्क (चालान) काटा गया, जबकि गंभीर लापरवाही बरतने वाले कई मामलों को सीधे न्यायालयीन कार्रवाई के लिए कोर्ट भेजा गया है। इन कार्रवाइयों में मुख्य रूप से बिना यूनिफॉर्म गाड़ी चलाना, फिटनेस और परमिट के दस्तावेजों में कमी, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना और ओवरलोडिंग शामिल हैं 

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