"वैश्विक बाजार" के लिए 91 परिणाम मिले
ग्रीन गोल्ड : हर्बल समृद्धि से आत्मनिर्भरता की ओर, वन संपदा से समृद्धि की नई कहानी
छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध वन संपदा और दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से “हर्बल स्टेट” के रूप में नई पहचान बना रहा है। तेंदूपत्ता, बांस, लाख, शहद और औषधीय पौधों जैसे वनोपज, जिन्हें “ग्रीन गोल्ड” कहा जाता है, राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। जामगांव की केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई और “छत्तीसगढ़ हर्बल्स” ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जा रहा है। आधुनिक प्रसंस्करण, वैज्ञानिक भंडारण और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने इन उत्पादों की मांग को बढ़ाया है।
छत्तीसगढ़
बस्तर की नई वैश्विक पहचान : जंगल के छिंद बीजों से तैयार हुई कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी, कचरे से कंचन की अनोखी मिसाल
दंतेवाड़ा के युवा उद्यमी विशाल हालदार ने बस्तर के जंगलों में बेकार माने जाने वाले छिंद (खजूर प्रजाति) के बीजों से कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी विकसित कर अनोखा नवाचार किया है। यह कॉफी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक है, जो अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और एसिडिटी के मरीजों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी इसे सराहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि बस्तर में ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएं भी खोल रहा है।
कारोबार
मार्केट अपडेट : शेयर बाजार में कोहराम, पर सोने-चांदी की चमक बढ़ी, जानें ताजा रेट्स और निवेश के टिप्स
गुरुवार को शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) में 1.5% की भारी गिरावट देखी गई, जबकि इसके विपरीत सर्राफा बाजार में तेजी आई। सोने की कीमतों में करीब ₹1,000 और चांदी में ₹3,000 का उछाल दर्ज किया गया। वर्तमान में सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹2.40 लाख के पार कारोबार कर रही है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश (सोने) की ओर बढ़ा है।
देश
Hormuz Crisis : सऊदी-UAE ने खोला सीक्रेट रूट, भारत में नहीं होगी कच्चे तेल की कमी
खाड़ी में तनाव और सप्लाई संकट के बावजूद भारत सुरक्षित—वैकल्पिक पाइपलाइन, नए सोर्स और रणनीतिक खरीद से बना संतुलन, होर्मुज में तनाव जारी है, लेकिन भारत के लिए फिलहाल खतरे की घंटी नहीं बज रही। सऊदी-UAE की रणनीति, रूस की सप्लाई और ईरान-वेनेजुएला की वापसी ने मिलकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखा है।
देश
शिखर बैठक : ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने की तैयारी
भारत मई के अंत में चौथी भारत–अफ्रीका शिखर बैठक आयोजित करने जा रहा है, जिसमें अफ्रीका के सभी 54 देशों के शामिल होने की संभावना है। यह बैठक लगभग 10 साल बाद हो रही है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करना है। अफ्रीका भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक संसाधनों (तेल, गैस, यूरेनियम और रेयर अर्थ मिनरल्स) का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है, जिससे पश्चिम एशिया पर निर्भरता कम होगी। भारत अपनी बड़ी तेल जरूरतों के लिए अभी भी मुख्यतः आयात पर निर्भर है, इसलिए अफ्रीका एक वैकल्पिक और स्थिर आपूर्ति क्षेत्र के रूप में उभर सकता है।
छत्तीसगढ़
बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार : 4 घंटे में समुद्र तक, बदलेगी विकास की तस्वीर
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) बस्तर के लिए विकास की नई राह खोलने जा रहा है। इस 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जगदलपुर से विशाखापट्टनम की दूरी घटकर मात्र 3.5 से 4 घंटे रह जाएगी। इससे बस्तर सीधे समुद्री बंदरगाह और वैश्विक व्यापार नेटवर्क से जुड़ जाएगा। परियोजना के जरिए परिवहन लागत में कमी आएगी और बस्तर की कॉफी, इमली, महुआ उत्पाद व ढोकरा शिल्प जैसे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर दाम मिलेंगे।
विदेश
संकट की आशंका : होर्मुज स्ट्रेट में तनाव से फिर बढ़ी वैश्विक तेल बाजारों की चिंता, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो सकती है वृद्धि
Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की खबरों से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। इस क्षेत्र को लेकर किसी अस्थायी “खुलने” और फिर “तनाव बढ़ने/बाधा” जैसी रिपोर्टों के बाद तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों में चिंता देखी गई। चूंकि यह दुनिया के प्रमुख तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है, इसलिए यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग लागत और वैश्विक बाजारों पर पड़ता है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट और स्थिर नहीं मानी जा रही है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक निगरानी और बातचीत की संभावना बनी हुई है।