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आर्थिक इतिहास में नया कीर्तिमान : अप्रैल में ₹2.43 लाख करोड़ के पार पहुंचा GST कलेक्शन
अप्रैल 2026 में भारत का GST कलेक्शन ₹2.43 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया गया है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 8.7% अधिक है। इस वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान आयात (imports) का रहा, जिसमें 25.8% की तेज बढ़ोतरी देखी गई, जबकि घरेलू GST ग्रोथ अपेक्षाकृत धीमी (4.3%) रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक अस्थिरता ने आयात बिल बढ़ाया, जिससे टैक्स कलेक्शन में उछाल आया। हालांकि कुल आंकड़े मजबूत दिखते हैं, लेकिन विशेषज्ञ संकेत देते हैं कि घरेलू खपत की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है और वृद्धि का बड़ा हिस्सा कीमतों व आयात-आधारित प्रभाव से आया है।
ई-रुपया : जेब में नकद का डिजिटल रूप, जानिए कैसे बदलेगा आपका लेन-देन
ई-रुपया, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी डिजिटल करेंसी है, जो नकद की तरह सुरक्षित और आसान लेन-देन का विकल्प देती है। बिना इंटरनेट भी ट्रांजैक्शन संभव हो सकता है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान को तेज, सस्ता और अधिक भरोसेमंद बनाना है।
महंगाई का नया झटका : कमर्शियल गैस के बाद अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल के आसार
मई की शुरुआत में कमर्शियल गैस सिलेंडर और 5 किलो वाले “छोटू” सिलेंडर के दाम बढ़ने से महंगाई की चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमत $115–125 प्रति बैरल तक पहुंचने से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग ₹20 प्रति लीटर और डीजल पर भारी नुकसान बताया जा रहा है, जिससे भविष्य में कीमतें बढ़ सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो परिवहन महंगा होगा और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ेगा।
मार्केट अपडेट : शेयर बाजार में कोहराम, पर सोने-चांदी की चमक बढ़ी, जानें ताजा रेट्स और निवेश के टिप्स
गुरुवार को शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) में 1.5% की भारी गिरावट देखी गई, जबकि इसके विपरीत सर्राफा बाजार में तेजी आई। सोने की कीमतों में करीब ₹1,000 और चांदी में ₹3,000 का उछाल दर्ज किया गया। वर्तमान में सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹2.40 लाख के पार कारोबार कर रही है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश (सोने) की ओर बढ़ा है।
मंदी का झटका : दो लाख करोड़ डूबे, TCS व रिलायंस सबसे ज्यादा प्रभावित, 3 कंपनियों ने दिखाई मजबूती
पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में आई तेज गिरावट ने देश की टॉप-10 कंपनियों की वैल्यूएशन को बुरी तरह प्रभावित किया। कुल मिलाकर ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा का मार्केट कैप मिट गया। सबसे बड़ा नुकसान आईटी दिग्गज और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों को हुआ, जबकि चुनिंदा 3 कंपनियों ने गिरते बाजार में भी मजबूती दिखाई।