नारायणपुर
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बड़ी तैयारी : बारिश में भी नहीं रुकेगा राशन वितरण, नारायणपुर की 39 दुकानों में पूरा भंडारण
नारायणपुर जिला प्रशासन ने बरसात के मौसम में पहुंचविहीन और दुर्गम क्षेत्रों में राशन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़ी तैयारी की है। जिले की 39 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में जुलाई से सितंबर तक के लिए तीन महीने का खाद्यान्न स्टॉक पहले ही भंडारित कर दिया गया है, ताकि बारिश के दौरान सड़क संपर्क टूटने या परिवहन बाधित होने पर भी हितग्राहियों को समय पर राशन मिल सके।
डायल-112 : फर्जी एक्सीडेंट कॉल पर दौड़ी डायल-112 टीम, अधिकारियों ने जांचा रिस्पांस टाइम
नारायणपुर पुलिस ने डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता और रिस्पांस टाइम जांचने के लिए औचक निरीक्षण किया। फर्जी दुर्घटना और मारपीट की सूचना देकर टेस्ट इवेंट तैयार किया गया, जिसमें ईआरवी टीम निर्धारित समय में मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तकनीकी उपकरणों और स्टाफ के समन्वय की भी जांच की।
लालच की चक्की : क्रेशर माफिया के आतंक ने ली आदिवासी युवक की जान, रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक
राजपुर क्षेत्र के भिलाई स्थित सिंघल गिट्टी क्रेशर में सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी के कारण 20 वर्षीय आदिवासी मजदूर अलमोन उरांव की दर्दनाक मौत हो गई। सफाई के दौरान करीब 150 किलो वजनी लोहे का कीप उसके ऊपर गिर पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने क्रेशर संचालकों पर बिना सुरक्षा उपकरण के काम कराने का आरोप लगाया है। मामले में रसूखदार लोगों के नाम सामने आने के बाद प्रशासन पर दबाव और लीपापोती के आरोप लग रहे हैं।
पुलिस की नई पहल : वर्दी से आगे बढ़कर विश्वास की ओर माड़ मैत्री चौपाल ने जीता ग्रामीणों का दिल
नारायणपुर जिले के ग्राम कदेर में आयोजित माड़ मैत्री चौपाल के जरिए पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करने की पहल की गई। एएसपी अक्षय साबद्रा और थाना प्रभारी कृष्णा साहू ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, कानून और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी तथा गांव के युवाओं को “माड़ मित्र” बनाकर जिम्मेदारी सौंपी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मैच भी खेला गया और युवाओं को खेल सामग्री वितरित की गई।
नक्सल नेटवर्क को झटका : नारायणपुर में नक्सलियों के फंडिंग नेटवर्क पर चोट, करोड़ों की नकदी जब्त
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए जंगलों में छिपाए गए नक्सलियों के गुप्त डंप का खुलासा किया। सरेंडर नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर जवानों ने करीब 1 करोड़ रुपये नकद, हथियार और अन्य सामग्री बरामद की। बरामद रकम में 2 हजार रुपये के बंद हो चुके नोट भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार कुछ डंप हालिया हैं, जबकि कुछ 4 से 6 साल पुराने बताए जा रहे हैं। इससे पहले बीजापुर में भी सुरक्षाबलों ने माओवादियों के एक गुप्त बंकर से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी।
जनसेवा की मिसाल : ITBP जवानों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से तैयार किया टिकाऊ पुल
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर-बस्तर स्थित दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी की 38वीं बटालियन ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 60 मीटर लंबा मजबूत लकड़ी और बांस का पुल बनाया है। यह पुल ओरछा थाना क्षेत्र के पास कुड़मेल गांव में तैयार किया गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन की बड़ी समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। इस निर्माण कार्य में आईटीबीपी जवानों ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर काम किया, जिससे सुरक्षा बल और समुदाय के बीच सहयोग और विश्वास और मजबूत हुआ। पुल को इतना टिकाऊ बनाया गया है कि इससे पैदल यातायात के साथ-साथ मोटरसाइकिल भी सुरक्षित रूप से गुजर सकती है।
नक्सलियों के मंसूबे नाकाम : सुरक्षाबलों ने अबूझमाड़ के जंगलों से हथियारों का जखीरा किया बरामद
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर (अबूझमाड़) क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के हथियारों के गुप्त भंडार (डंप) को बरामद कर उनकी एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। BSF की 135वीं वाहिनी ने कोहकामेटा थाना क्षेत्र के टोके उपरपारा गांव के पास इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई FGT नारायणपुर से मिले एक ठोस इनपुट के आधार पर की गई, जिसमें घने जंगल में हथियारों के छिपे होने की सूचना थी।