अंबिकापुर में इस समय श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यहां श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सुप्रसिद्ध कथा वाचक विद्याधर त्रिपाठी जी के मुखारबिंद से दिव्य प्रवचनों की अमृतवर्षा हो रही है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
यह सात दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन 10 मई से 16 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्तजन कथा स्थल पर उपस्थित होकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और धर्म के गूढ़ संदेशों का श्रवण कर रहे हैं।
भक्ति और आध्यात्मिकता का केंद्र बना अंबिकापुर
इस आयोजन के चलते पूरा अंबिकापुर शहर भक्ति रस में डूब गया है। कथा स्थल पर सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और वातावरण “हरे कृष्ण, हरे राम” के जयघोषों से गूंज रहा है। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों, भक्ति मार्ग, धर्म, कर्म और मोक्ष के गूढ़ सिद्धांतों का अत्यंत सरल और भावपूर्ण तरीके से वर्णन किया जा रहा है, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठते हैं।
श्री विद्याधर त्रिपाठी जी के प्रवचन
कथा वाचक विद्याधर त्रिपाठी जी अपने सरल, मधुर और भावनात्मक प्रवचनों के लिए विशेष पहचान रखते हैं। उनके मुख से निकले हर शब्द श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं और उन्हें आध्यात्मिक शांति की अनुभूति करा रहे हैं। वे अपने प्रवचनों में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और कर्मयोग के महत्व को सहज भाषा में समझा रहे हैं, जिससे हर आयु वर्ग के लोग सहजता से जुड़ पा रहे हैं। कथा के बीच-बीच में भजन और प्रसंगों ने पूरे वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया है।
श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और आस्था
इस श्रीमद्भागवत कथा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भक्तगण अंबिकापुर पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि यह आयोजन उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक बदलाव लेकर आया है। कथा स्थल पर सेवा, व्यवस्था और भक्ति का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है, जो इसे एक दिव्य और यादगार आयोजन बना रहा है।
अंबिकापुर में आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार और आत्मिक शांति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है। विद्याधर त्रिपाठी जी के दिव्य प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक ऐसा आध्यात्मिक अनुभव बनकर सामने आया है, जो लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में अंकित रहेगा।
