Saturday, 07 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Ranchi Murder Case: स्कूल के पीछे मिला युवक का शव, चेहरे पर गंभीर चोट के निशान से हत्या की आशंका Ganja Smuggling: ऑपरेशन आघात के तहत कार्रवाई, 4 किलो गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार Pachmarhi Accident: बंदर से बैग बचाने की कोशिश बनी जानलेवा, खाई में गिरकर ग्रुप लीडर की मौत Durg Hospital Case: महिला अधिवक्ता की मौत पर हाईटेक अस्पताल में हंगामा, एक करोड़ मुआवजे की मांग Ranchi Murder Case: स्कूल के पीछे मिला युवक का शव, चेहरे पर गंभीर चोट के निशान से हत्या की आशंका Ganja Smuggling: ऑपरेशन आघात के तहत कार्रवाई, 4 किलो गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार Pachmarhi Accident: बंदर से बैग बचाने की कोशिश बनी जानलेवा, खाई में गिरकर ग्रुप लीडर की मौत Durg Hospital Case: महिला अधिवक्ता की मौत पर हाईटेक अस्पताल में हंगामा, एक करोड़ मुआवजे की मांग
W 𝕏 f
होम › धर्म › अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव : भक्तिमय हुआ नवकार न…
अंजनशलाका प्रतिष्ठा
अंजनशलाका प्रतिष्ठा
धर्म

अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव : भक्तिमय हुआ नवकार नगर धर्म, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का भव्य संगम

रायपुर के नवकार नगर में 10 से 15 मई 2026 तक भव्य अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में प्रतिदिन पूजा-अर्चना, अभिषेक, प्रवचन, भजन संध्या और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर रहे हैं। जैन संतों के प्रवचनों में अहिंसा, संयम और मानवता का संदेश दिया जा रहा है। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया है और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

क
प्रकाशित: 12 May 2026, 06:24 PM · अपडेट: 02 Nov 2026, 06:47 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

रायपुर  के नवकार नगर में इन दिनों धर्म, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। 10 मई से शुरू हुआ अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग रहा है। 15 मई 2026 तक चलने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु शामिल होकर पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से लेकर देर रात तक मंत्रोच्चार, भजन, प्रवचन और धार्मिक विधानों की गूंज सुनाई दे रही है।

यह प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जैन समाज की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का विराट उत्सव बन गया है। आयोजन स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और धार्मिक ध्वजों से सजा नवकार नगर इन दिनों किसी तीर्थस्थल जैसा नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं।

अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव

जैन धर्म में अंजनशलाका प्रतिष्ठा का विशेष महत्व माना जाता है। यह वह पवित्र धार्मिक प्रक्रिया होती है, जिसमें मंदिर में स्थापित होने वाली भगवान की प्रतिमा में विशेष वैदिक और धार्मिक विधियों के माध्यम से दिव्यता का आह्वान किया जाता है। इस अनुष्ठान के बाद प्रतिमा को पूर्ण रूप से पूजनीय माना जाता है।धार्मिक विद्वानों के अनुसार यह केवल मूर्ति स्थापना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, तप और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक होता है। यही कारण है कि इस महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

प्रतिदिन  धार्मिक अनुष्ठान

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल मंगल ध्वनि और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है। इसके बाद विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, शांतिधारा, अभिषेक, हवन, प्रवचन और भक्ति संध्या जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं और धार्मिक वातावरण में स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा महसूस कर रहे हैं। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भागीदारी भी इस आयोजन में विशेष रूप से देखने को मिल रही है।

साधु-संतों के प्रवचनों से आध्यात्मिक संदेश

महोत्सव में देशभर से आए जैन संत और विद्वान धर्मसभा को संबोधित कर रहे हैं। अपने प्रवचनों में वे अहिंसा, सत्य, संयम, करुणा और मानवता का संदेश दे रहे हैं। संतों ने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव के बीच धर्म और अध्यात्म ही मनुष्य को सच्ची शांति प्रदान कर सकते हैं। प्रवचनों में युवाओं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश भी दिया जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में धर्मसभा में शामिल होकर संतों के विचारों को सुन रहे हैं। अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान जैन संतों और धर्माचार्यों ने श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और मानवता का संदेश दिया। प्रवचनों में कहा गया कि वर्तमान समय में लोगों को अहिंसा, सत्य, करुणा और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। संतों ने बताया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में अच्छे विचार, सकारात्मक सोच और सेवा भाव अपनाना ही सच्ची साधना है।प्रवचनों में युवाओं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा दी गई। साथ ही समाज में प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया गया। संतों ने कहा कि आध्यात्मिकता से ही मनुष्य को मानसिक शांति और जीवन में सही दिशा मिल सकती है।

भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ महोत्सव में भक्ति संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक नाटिकाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। शाम के समय आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आते हैं।बच्चों और युवाओं द्वारा प्रस्तुत धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आयोजन समिति का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समाज सेवा और सहयोग की मिसाल

महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। आयोजन स्थल पर अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं।समाज के लोगों का कहना है कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग का भी उदाहरण बन गया है। विभिन्न वर्गों के लोग मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।

श्रद्धालुओं में दिख रहा उत्साह

प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। दूर-दूर से लोग परिवार सहित नवकार नगर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। लोगों का मानना है कि वर्तमान समय में समाज को आध्यात्मिक मूल्यों और नैतिक चेतना की सबसे अधिक आवश्यकता है।

15 मई तक जारी रहेगा महोत्सव

आयोजन समिति के अनुसार 15 मई तक चलने वाले इस महोत्सव में आने वाले दिनों में भी कई महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंतिम दिनों में विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और विशाल धार्मिक सभा का आयोजन किया जाएगा।नवकार नगर में चल रहा यह अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव इन दिनों रायपुर शहर में आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। धार्मिक वातावरण, भव्य आयोजन और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस महोत्सव को यादगार बना दिया है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें