छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से पुलिस और कानून का डर दिखाकर अवैध वसूली करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घरघोड़ा थाना क्षेत्र में भाजपा से निष्कासित एक पूर्व पार्षद ने एक युवक को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग की। हालांकि, युवक की सतर्कता और पुलिस की तत्परता के कारण आरोपी अब सलाखों के पीछे है।
क्या है पूरा विवाद?
मामले की शुरुआत साहिल यादव (26 वर्ष) नामक युवक और उसकी प्रेमिका के बीच हुए विवाद से हुई। साहिल का पिछले 4-5 वर्षों से धरमजयगढ़ क्षेत्र की एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। हाल ही में दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई, जिसके बाद युवती शिकायत लेकर घरघोड़ा थाने पहुंची।
उस दौरान वार्ड क्रमांक-2 का निष्कासित भाजपा पार्षद श्याम भोजवानी (56) भी साहिल के साथ थाने पहुँचा। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और आपसी सहमति से समझौता हो गया। युवती ने कोई भी कानूनी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने का फैसला लिया और मामला वहीं शांत हो गया।
मदद के नाम पर वसूली का खेल
असली विवाद समझौते के बाद शुरू हुआ। आरोप है कि उसी शाम आरोपी श्याम भोजवानी ने अपनी 'मदद' की कीमत वसूलनी चाही। वह साहिल के मोहल्ले पहुंचा और उसके परिवार को डराना शुरू कर दिया। भोजवानी ने दावा किया कि मामला पूरी तरह खत्म कराने के लिए थाने में 50 हजार रुपए देने होंगे।
जब परिवार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने 'डिस्काउंट' देते हुए 40 हजार रुपए में मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया। उसने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं मिले, तो वह युवक को दुष्कर्म के केस में जेल भिजवा देगा।
लगातार कॉल और मानसिक प्रताड़ना
साहिल ने पुलिस को बताया कि आरोपी केवल घर आकर ही नहीं, बल्कि मोबाइल फोन पर कॉल करके भी उसे और उसकी मां को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। जेल जाने के डर से परिवार गहरे मानसिक तनाव में था। हालांकि, साहिल को यह आभास हो गया था कि पुलिस विभाग की ओर से ऐसी कोई मांग नहीं की गई है, बल्कि पार्षद निजी स्वार्थ के लिए कानून का भय दिखा रहा है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग बनी मुख्य हथियार
परेशान होकर साहिल ने हिम्मत जुटाई और घरघोड़ा थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उसने सबूत के तौर पर पुलिस को वह ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी, जिसमें आरोपी पैसे की मांग कर रहा था। थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पेन ड्राइव में साक्ष्य जब्त किए और आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
SSP की सख्त चेतावनी
रविवार को पुलिस ने आरोपी श्याम भोजवानी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। रायगढ़ SSP शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा:
"कानून और पुलिस का नाम लेकर अवैध वसूली करना एक गंभीर अपराध है। जनता किसी के भी ऐसे बहकावे में न आए। अगर कोई व्यक्ति पुलिस के नाम पर पैसे मांगता है, तो तुरंत सूचना दें। ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"
इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि रसूख का इस्तेमाल कर निर्दोषों को डराने वालों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है।
