रायगढ़ जिले के थाना पूंजीपथरा क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 22 वर्षीय युवक ने नाबालिग बालिका को प्रेम जाल में फंसाकर उसका शारीरिक शोषण किया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
छुट्टियों के दौरान शुरू हुआ जान-पहचान का सिलसिला
घटना की जड़ें दिसंबर 2025 में तब शुरू हुईं, जब स्कूल की छुट्टियां होने के कारण एक नाबालिग बालिका अपने माता-पिता के पास पूंजीपथरा थाना क्षेत्र स्थित एक प्लांट की लेबर कॉलोनी आई थी। इसी कॉलोनी के पड़ोस में संदीप बंजारे (22 वर्ष) रहता था। संदीप ने धीरे-धीरे बालिका से जान-पहचान बढ़ाई और दोस्ती की आड़ में उसका विश्वास जीतना शुरू किया।
शादी का झांसा और जबरन शारीरिक संबंध
आरोपी की नीयत शुरू से ही खराब थी। 26 फरवरी 2026 को जब दोपहर में बालिका अकेली थी, तब आरोपी संदीप ने उसे फुसलाकर अपने कमरे में बुलाया। वहां उसने शादी का झूठा वादा किया और पीड़िता की सहमति के बिना उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी इस बात से पूरी तरह वाकिफ था कि बालिका नाबालिग है, फिर भी उसने कानून और नैतिकता को ताक पर रख दिया।
डरा-धमकाकर महीनों तक किया गया मानसिक व शारीरिक शोषण
पहली घटना के बाद आरोपी के हौसले बुलंद हो गए। उसने बालिका को बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया। जब भी बालिका के माता-पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर होते, संदीप उसे डराकर अपने कमरे में ले जाता और उसका शोषण करता। यह सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा, जिससे पीड़िता गहरे मानसिक तनाव में थी।
परिजनों की मुस्तैदी से उजागर हुआ आरोपी का चेहरा
8 मई 2026 को आरोपी ने एक बार फिर चालाकी दिखाई और शादी का बहाना बनाकर बालिका को कंपनी के नए लेबर क्वार्टर में मिलने बुलाया। वह उसे कहीं बाहर ले जाने की योजना बना रहा था, लेकिन तभी बालिका को खोजते हुए उसके परिजन वहां पहुंच गए। दोनों को साथ देखकर परिजनों को संदेह हुआ, जिसके बाद बालिका ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई।
कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज और आरोपी की गिरफ्तारी
पीड़िता की शिकायत पर 9 मई को पूंजीपथरा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 103/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 4 व 6 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी रामकिंकर यादव और उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा की टीम ने 11 मई को आरोपी संदीप बंजारे (निवासी सक्ती जिला) को तराईमाल से गिरफ्तार कर लिया।
अपराधियों को एसएसपी की कड़ी चेतावनी
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में महिला और बाल अपराधों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को लालच देकर शोषण करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी संदीप को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
