शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला तथा शहर कांग्रेस के पदाधिकारीगण शहर उपाध्यक्ष तुलसी साहू, महामंत्री निर्मल जैन, महामंत्री तबरेज खान, सचिव अनीश राजवानी, सचिव गोपी तारक, सचिव बसंत चंद्राकर ने आज स्थानीय जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में पसरी अव्यवस्थाओं और मरीजों की बदहाली को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। चावला ने सीधे तौर पर अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन पर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।
निरीक्षण के दौरान चावला ने पाया कि अस्पताल में लगे वाटर कूलर शो-पीस बने हुए हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने इसे 'अमानवीय' करार देते हुए कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होना प्रबंधन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
अस्पताल के वार्डों का जायजा लेते समय यह बात सामने आई कि वहां वेस्टर्न टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और फ्रैक्चर या गंभीर ऑपरेशन वाले मरीजों को भारी शारीरिक कष्ट और अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
सोनोग्राफी सेवा बंद और विशेषज्ञों की कमी
निरीक्षण में पता चला की जिला अस्पताल में विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने के कारण विगत 4 माह से सोनोग्राफी मशीनें धूल फांक रही हैं। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और गरीबी मरीजों को मजबूरन निजी सेंटरों में 800 से 1500 रुपये तक खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। नियमानुसार, यदि सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं है, तो प्रशासन को निजी केंद्रों के साथ अनुबंध कर मरीजों को मुफ्त सेवा प्रदान करनी चाहिए, जो फिलहाल यहां प्रभावी नहीं दिख रही है।
साथ ही अस्पताल में आवश्यक दवाओं का स्टॉक न होने के कारण मरीजों को अक्सर बाहर से दवाएं खरीदनी पडती हैं। महासमुंद मेडिकल कॉलेज की स्थापना के 4 वर्ष बाद भी सीटी स्कैन मशीन का न होना एक बड़ी ढांचागत असफलता है। सीटी स्कैन न होने की वजह से गंभीर रूप से घायल या न्यूरो संबंधी मरीजों को तत्काल रायपुर रेफर कर दिया जाता है, जिससे रास्ते में ही जान जाने का जोखिम रहता है।
एम्बुलेंस के दुरुपयोग का आरोप
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा 4 वर्ष पूर्व तत्कालीन नगर पालिका एल्डरमैन गुरमीत चावला तथा अन्य एल्डरमैनो द्वारा अपनी नीधि से क्रय कर जिला अस्पताल को दी गयी एम्बुलेंस के दुरुपयोग को लेकर हुआ। श्री चावला ने कड़ा ऐतराज जताया कि जो एम्बुलेंस 'एल्डरमैन निधि' से मरीजों की जान बचाने और आपातकालीन सेवाओं के लिए दी गई थी, उसका उपयोग अस्पताल प्रबंधन द्वारा सामान्य सामान ढोने (Logistics/Transport) के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इसे जनता के विश्वास के साथ धोखाधड़ी और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बताया।
सिविल सर्जन से मुलाकात और सुधार की मांग
इस संबंध में गुरमीत चावला ने तत्काल सिविल सर्जन से मुलाकात कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चावला ने मांग की है कि वाटर कूलरों को 24 घंटे के भीतर ठीक कराया जाए। मरीजों की सुविधा के लिए तत्काल वेस्टर्न टॉयलेट का निर्माण/व्यवस्था की जाए। दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, सोनोग्राफी जल्द से जल्द शुरू की जाए।
सीटी स्कैन की मशीन अविलंब खरीदी जाए। एम्बुलेंस का दुरुपयोग तत्काल बन्द हो और यदी भविष्य पुनः शिकायत आई तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन अव्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो वह जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
3 वर्षीय बालक की मृत्यु पर गंभीर सवाल
महासमुंद जिला अस्पताल में 3 वर्षीय बालक की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले को लेकर कांग्रेस शहर अध्यक्ष गुरमीत चावला ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण मासूम की जान गई है।
शहर अध्यक्ष चावला ने उच्चाधिकारियों से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और बारीकी से जांच करने की मांग की है आखिर मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई? यदि बच्चे की स्थिति नाजुक थी, तो समय रहते उसे रायपुर रिफर क्यों नहीं किया गया? चावला ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
