दुर्ग जिले में पिछले 48 घंटों के भीतर आग लगने की दो अलग-अलग घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। एक तरफ जहां एक कार अचानक आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गई, वहीं दूसरी घटना में कोयले से लदी मालगाड़ी की बोगी में भी भीषण आग लग गई। राहत की बात यह रही कि दोनों ही मामलों में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
सोमवार सुबह करीब 9 बजे हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के पास खड़ी एक कार में अचानक आग लग गई। कार मालिक राहुल प्रधान अपनी कार (CG-07-BB-0531) को पार्क कर फोटो कॉपी कराने गए थे।
वापस लौटने के बाद जैसे ही उन्होंने कार स्टार्ट की, वाहन के अंदर अचानक स्पार्किंग हुई और धुआं उठने लगा। कुछ ही सेकंड में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों की कोशिश नाकाम
आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों ने उसे बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण उस पर काबू नहीं पाया जा सका। कुछ ही मिनटों में कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।
सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेज थी कि कुछ ही पलों में पूरी कार जलने लगी।
रसमड़ा स्टेशन पर मालगाड़ी की बोगी में लगी आग
इससे एक दिन पहले रविवार सुबह करीब 11:55 बजे रसमड़ा रेलवे स्टेशन पर खड़ी कोयले से लदी मालगाड़ी की एक बोगी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बोगी से ऊंची लपटें उठने लगीं, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के दौरान सबसे बड़ी चिंता यह थी कि आग आसपास खड़ी अन्य बोगियों तक फैल सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। स्थिति तेजी से गंभीर होती जा रही थी।
