क्रिकेट सट्टा और हवाला के काले साम्राज्य के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक' जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" ने अंतरराज्यीय सट्टा सिंडिकेट की कमर तोड़ कर रख दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए करण चौधरी गैंग के बेहद शातिर और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी आकाश पंसारी को सक्ती से दबोच लिया है।
जो आपको जानना जरूरी है
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: आरोपी आकाश पंसारी (उम्र 32 वर्ष, निवासी: ऑफिसर कॉलोनी, सक्ती) जो सट्टा संचालन और हवाला नेटवर्क की मुख्य कड़ी था, अब पुलिस की गिरफ्त में है।
हाईटेक जब्ती: आरोपी के पास से महंगे आईफोन (iPhone) और वीवो (Vivo) के मोबाइल जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल सट्टे की डीलिंग और पैसों के अवैध ट्रांसफर के लिए किया जा रहा था।
रिमांड पर भेजा गया जेल: कोतवाली थाने में दर्ज दो गंभीर मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
डिजिटल ट्रेल और चैट रिकॉर्ड्स खोलेंगे बड़े राज!
रायगढ़ पुलिस अब केवल पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक साइबर फॉरेंसिक के जरिए इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद कर रही है।
"हम केवल मोहरों को नहीं, बल्कि इस दलदल के आकाओं को पकड़ रहे हैं।" > पुलिस की साइबर विंग आरोपी आकाश पंसारी के मोबाइल से मिले टेक्निकल इनपुट, डिलीट किए गए चैट रिकॉर्ड, डिजिटल फुटप्रिंट्स और फाइनेंशियल एनालिसिस (बैंक खातों की जांच) की परत-दर-परत स्क्रूटनी कर रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस जांच से छत्तीसगढ़ सहित दूसरे राज्यों के कई रसूखदारों और बड़े सटोरियों के नाम सामने आ सकते हैं।
'ऑपरेशन क्लीन हंट' का खौफ
एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) श्री मयंक मिश्रा की जमीनी रणनीति का असर यह है कि रायगढ़ में सट्टा किंग और खाईवालों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार हो रही गिरफ्तारियों के डर से इस सिंडिकेट से जुड़े कई रसूखदार सटोरियों ने खुद पुलिस के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) कर दिया है, जबकि बाकी चूहे की तरह बिलों में छिपते फिर रहे हैं।
एसएसपी का कड़ा अल्टीमेटम: "कोई नहीं बचेगा!"
इस बड़ी कामयाबी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने अपराधियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा:
"ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, हवाला कारोबार और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले आर्थिक अपराधों को रायगढ़ की धरती पर फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा। इस सिंडिकेट से जुड़ा हर एक व्यक्ति—चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो—सलाखों के पीछे होगा। रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक इस नेटवर्क का समूल नाश नहीं हो जाता।"
लेटेस्ट अपडेट के लिए बने रहें: इस गिरफ्तारी के बाद करण चौधरी गैंग के वित्तीय स्रोतों (Financial Sources) पर बड़ा आघात लगा है। पुलिस की अगली रडार पर इस गैंग को संरक्षण देने वाले कुछ और सफेदपोश हो सकते हैं।
