📅 Tuesday, 14 Apr 2026 भारत
W 𝕏 f 🔗
होम अंबिकापुर (सरगुजा) केंद्रीय जेल अंबिकापुर में लापरवाही, दो जेल प्रहर…
अंबिकापुर (सरगुजा)

केंद्रीय जेल अंबिकापुर में लापरवाही, दो जेल प्रहरियों निलंबित

अंबिकापुर केंद्रीय जेल में ड्यूटी में लापरवाही के आरोप पर दो जेल प्रहरियों को निलंबित किया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में निरीक्षण के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और ताला खुला पाया गया। एक रसूखदार बंदी, जिसे मनेंद्रगढ़ से लाया गया था, पर आरोप है कि उसने बीमारी और अटेंडर की सुविधा का गलत फायदा उठाया। मामले में विभागीय जांच जारी है।

जेल फोटो
जेल फोटो
कीर्तिमान ब्यूरो
29 Mar 2026, 06:20 PM
📍 अंबिकापुर

केंद्रीय जेल निलंबन:  कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप पर केंद्रीय जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने जेल प्रहरी जयप्रकाश कुजुर और लोकनाथ निषाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों प्रहरियों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में लगी हुई थी, जहां एक बंदी को नियमों के विपरीत सुविधाएं दिए जाने की शिकायत सामने आई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक ने स्वयं अस्पताल स्थित जेल वार्ड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वार्ड के बाहर लगा ताला खुला पाया गया, जो सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक मानी जा रही है। इसके अलावा बंदियों से मुलाकात के नियमों का भी खुले तौर पर उल्लंघन पाया गया।जानकारी के अनुसार, संबंधित बंदी को मनेंद्रगढ़ जेल से केंद्रीय जेल अंबिकापुर शिफ्ट किया गया था।अंबिकापुर पहुंचने के बाद बंदी ने स्वयं को बीमार बताया, 

जिसके बाद जेल चिकित्सक की सलाह पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे भर्ती रखते हुए अटेंडर की आवश्यकता बताई, जिसके चलते जेल प्रबंधन को इसकी अनुमति देनी पड़ी।

हालांकि, आरोप है कि बंदी ने अपने प्रभाव और पहुंच का इस्तेमाल करते हुए इस सुविधा का दुरुपयोग किया। अटेंडर की व्यवस्था का लाभ उठाकर उसे अतिरिक्त और अनुचित सुविधाएं मिलने लगीं, जो जेल नियमों के विरुद्ध हैं।

प्राथमिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद जेल अधीक्षक ने दोनों प्रहरियों को तत्काल निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या हुआ?

केंद्रीय जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में दो जेल प्रहरियों—जयप्रकाश कुजुर और लोकनाथ निषाद—को तुरंत निलंबित कर दिया।

मामला क्या था?

  • दोनों प्रहरियों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में लगी थी।
  • शिकायत मिली थी कि एक बंदी को नियमों के विरुद्ध विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं।
  • जांच के लिए अधीक्षक ने खुद औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण में क्या मिला?

  • जेल वार्ड के बाहर का ताला खुला मिला (सुरक्षा में बड़ी चूक)।
  • बंदियों से मिलने के नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया।

बंदी को लेकर क्या आरोप हैं?

  • बंदी को मनेंद्रगढ़ जेल से अंबिकापुर शिफ्ट किया गया था।
  • उसने खुद को बीमार बताया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • डॉक्टर ने उसके लिए अटेंडर की जरूरत बताई, जिसकी अनुमति दी गई।
  • आरोप है कि बंदी ने अपने प्रभाव (रसूख) का इस्तेमाल कर इस सुविधा का गलत फायदा उठाया।

आगे क्या कार्रवाई?

  • दोनों प्रहरियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
  • पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

 कुल मिलाकर यह मामला जेल सुरक्षा में लापरवाही और बंदियों को नियमों से हटकर सुविधा देने जैसी गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।

— विज्ञापन —
📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश धर्म समाज खेल 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?