अक्सर रात के खाने के बाद थोड़ी-बहुत दाल बच जाती है। कई लोग इसे अगले दिन खाने से बचते हैं और आखिरकार यह दाल फेंक दी जाती है। लेकिन अगर आप चाहें तो इसी बची हुई दाल से सुबह के नाश्ते के लिए ऐसी खस्ता और स्वादिष्ट कचौड़ी तैयार कर सकते हैं, जिसे खाने के बाद हर कोई इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा। बची हुई दाल का दोबारा उपयोग न केवल खाने की बर्बादी रोकता है, बल्कि यह नाश्ते में नया स्वाद भी जोड़ देता है। दाल में पहले से मौजूद मसाले और पौष्टिक तत्व कचौड़ी को खास फ्लेवर देने का काम करते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए अलग से भरावन तैयार करने या दाल भिगोने की जरूरत नहीं पड़ती।
कचौड़ी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
- बची हुई दाल – 1 कप (मूंग या उड़द दाल)
- गेहूं का आटा – 2 कप
- सूजी – 2 बड़े चम्मच
- तेल या घी – 3 बड़े चम्मच (मोयन के लिए)
- अजवाइन – आधा छोटा चम्मच
- हरी मिर्च – 1 से 2 बारीक कटी हुई
- हरा धनिया – 2 से 3 बड़े चम्मच
- कसूरी मेथी – 1 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर – 1/4 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच
- सौंफ पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- हींग – एक चुटकी
- नमक – स्वादानुसार
- तलने के लिए तेल
सबसे पहले दाल को तैयार करें
यदि बची हुई दाल ज्यादा पतली है तो उसे कढ़ाई में डालकर कुछ मिनट तक पकाएं ताकि अतिरिक्त पानी सूख जाए और दाल थोड़ी गाढ़ी हो जाए। इसके बाद दाल को पूरी तरह ठंडा होने दें।
आटा गूंथने का तरीका
एक बड़े बर्तन में आटा और सूजी डालें। इसमें अजवाइन, हींग, सौंफ पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च, कसूरी मेथी, हरी मिर्च, हरा धनिया और जरूरत के अनुसार नमक मिला लें।
अब इसमें गुनगुना तेल या घी डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। जब आटा हाथ में दबाने पर बंधने लगे, तब समझिए कि मोयन सही मात्रा में मिला है।
इसके बाद ठंडी दाल को थोड़ा-थोड़ा मिलाते हुए आटा गूंथ लें। कोशिश करें कि पानी का इस्तेमाल न करना पड़े। आटा न ज्यादा सख्त हो और न बहुत मुलायम। तैयार आटे को 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें।
कचौड़ी बेलने और तलने की विधि
आराम किए हुए आटे को एक बार फिर से हल्का सा मसल लें और छोटी-छोटी लोइयां बना लें। प्रत्येक लोई को पूरी से थोड़ा मोटा बेलें। किनारों को हल्का मोटा रखने से कचौड़ी अच्छी तरह फूलती है। कढ़ाई में तेल गर्म करें। तेल मध्यम गर्म होना चाहिए। कचौड़ियों को तेल में डालकर धीमी से मध्यम आंच पर तलें। हल्के हाथ से दबाने पर कचौड़ी फूलने लगेगी। दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें।
स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
ऐसे करें सर्व
गरमा-गरम दाल की कचौड़ी को हरी चटनी, मीठी चटनी, आलू की सब्जी या अदरक वाली चाय के साथ परोसें। यह नाश्ता घर के सभी सदस्यों को पसंद आएगा और बची हुई दाल का बेहतरीन उपयोग भी हो जाएगा।