छत्तीसगढ़ के चकरभाठा इलाके में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां साधु के भेष में आए एक शातिर ठग ने 'जादू-टोने' और 'चमत्कार' का ऐसा मायाजाल बुना कि एक पढ़ा-लिखा मेडिकल संचालक भी उसके झांसे में आ गया। आरोपी ठग ने पहले पत्थर को रुद्राक्ष में बदला, फिर 10 रुपये के नोट को 100 रुपये बनाकर पीड़ित का भरोसा जीता।
इसके बाद परिवार के संकट दूर करने के नाम पर सोने की अंगूठी और हजारों रुपये की नकदी लेकर फरार हो गया। पीड़ित की शिकायत पर चकरभाठा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है।
5 रुपये की भीख से शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक-14 चकरभाठा के रहने वाले राजेश पंजवानी मेन रोड स्थित वार्ड क्रमांक-07 में 'सुनीता मेडिकल स्टोर' का संचालन करते हैं। 15 मई की सुबह करीब 11 बजे उनकी दुकान पर साधु के भेष में एक अज्ञात व्यक्ति पहुंचा।
शुरुआत में मामला बेहद आम था, लेकिन ठग की चालें बेहद सोची-समझी थीं:
भीख ठुकराई: मेडिकल संचालक राजेश ने उसे पहले 5 रुपये का सिक्का दिया, जिसे लेने से उसने साफ मना कर दिया।
20 रुपये भी नहीं लिए: इसके बाद पीड़ित ने उसे 20 रुपये का नोट देना चाहा, लेकिन उसने फिर इनकार कर दिया।
चाय-पानी की मांग: उसने कहा कि उसे पैसे नहीं, बल्कि चाय और पानी चाहिए। राजेश ने इंसानियत के नाते उसे दुकान पर ही चाय और बिस्कुट मंगाकर खिलाया।
सरेआम दिखाए 'चमत्कार', जाल में फंसा कारोबारी
चाय पीने के बाद कथित बाबा ने अपने असली रंग दिखाने शुरू किए। उसने राजेश को पूरी तरह अपने मनोवैज्ञानिक और सम्मोहन के जाल में फंसाने के लिए दो तथाकथित 'चमत्कार' दिखाए:
पत्थर बना रुद्राक्ष: बाबा ने अपनी जेब से एक छोटा पत्थर निकाला और राजेश को उसे एक कागज में बांधने को कहा। कुछ देर बाद जब कागज खोला गया, तो वहां पत्थर की जगह दो असली रुद्राक्ष रखे हुए थे।
10 रुपये बने 100 रुपये: इसके बाद बाबा ने राजेश से 10 रुपये का नोट मांगा और उसी कागज में रखवाया। जब दोबारा कागज खुला, तो उसमें 100 रुपये का नोट निकला।
व्यापार और परिवार के संकट दूर करने का दावा: इन दो घटनाओं को देखकर मेडिकल संचालक पूरी तरह बाबा के प्रभाव में आ गया। इसका फायदा उठाते हुए ठग ने दावा किया कि उसके पास ऐसी सिद्धियां हैं, जिससे वह राजेश के परिवार और व्यापार की सारी परेशानियां हमेशा के लिए खत्म कर सकता है।
दुकान के मंदिर में घुसा, हाथ की सफाई से उड़ाए जेवर और कैश
राजेश का भरोसा जीतते ही शातिर ठग काउंटर के अंदर घुस गया और दुकान में बने मंदिर के पास बैठकर पूजा-पाठ का नाटक करने लगा।
उसने राजेश से 500-500 रुपये के दो नोट (कुल 1,000 रुपये) मंगवाए।
इसके बाद उसने राजेश की उंगली से सोने की अंगूठी भी उतरवा ली और उसे नोटों के साथ लपेट दिया।
ठग ने अंगूठी और नोटों को मुंह में डालने का ढोंग किया (ताकि पीड़ित को लगे कि कोई गुप्त मंत्र फूंका जा रहा है)।
अंत में उसने एक कागज की पुड़िया राजेश के हाथ में थमाते हुए सख्त हिदायत दी—"इसे ठीक दो घंटे बाद ही खोलना, नहीं तो अनर्थ हो जाएगा।"
दो घंटे बाद खुला राज
बाबा के जाने के ठीक दो घंटे बाद जब राजेश ने उत्सुकता और डर के साथ उस पुड़िया को खोला, तो उसके होश उड़ गए। पुड़िया के अंदर सोने की महंगी अंगूठी और 500-500 के नोट गायब थे। उनकी जगह सिर्फ वही पुराना रुद्राक्ष और 10 व 100 रुपये के नोट पड़े थे। पीड़ित को समझ आ गया कि वह एक शातिर 'हाथ की सफाई' वाले ठग का शिकार हो चुका है।
पुलिस एक्शन और नया अपडेट (Latest Update)
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित राजेश पंजवानी तुरंत चकरभाठा थाने पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
अपराध दर्ज: चकरभाठा पुलिस ने धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अज्ञात ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
CCTV खंगाल रही पुलिस: पुलिस की एक विशेष टीम मेन रोड और मेडिकल स्टोर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि साधु के भेष में आए इस अपराधी का हुलिया और उसके भागने के रूट का पता लगाया जा सके।
पुलिस की अपील: बिलासपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी ढोंगी, चमत्कारी बाबा या तांत्रिक के झांसे में न आएं जो पैसे दोगुना करने या अंधविश्वास के जरिए परेशानियां दूर करने का दावा करते हैं। संदिग्ध दिखने पर तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।

