भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय गरिमा उत्सव अंतर्गत ‘जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले’ थीम पर आधारित अभियान का आज प्रदेश स्तर पर शुभारंभ हुआ। मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा इस अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री नेताम ने कहा कि जनजातीय गरिमा उत्सव प्रदेश के जनजातीय बसाहटों के शत-प्रतिशत विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
मंत्री नेताम ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना में जनजातीय क्षेत्रों के विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मजबूत नींव पर ही मजबूत इमारत खड़ी होती है, उसी प्रकार विकसित भारत के निर्माण में जनजातीय बसाहटों का समग्र विकास मजबूत आधार बनेगा।
उन्होंने बताया कि पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कर्मयोगी अभियान एवं सर्वेसेतु ऐप में उल्लेखनीय प्रदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य की छवि बनाई है। उन्होंने अधिकारियों से अभियान के मूल उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने का आह्वान किया।
प्रमुख सचिव और आयुक्त कर रहे सतत मॉनीटरिंग

आदि सेवा केंद्रों में होगी जनसुनवाई
अभियान के तहत आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत निर्मित आदि सेवा केंद्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अभियान की सभी गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रतिदिन आदि प्रसारण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
प्रदेश में पीएम जनमन योजनांतर्गत चयनित 1544 ग्रामों, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत चयनित 6691 ग्रामों तथा 7222 आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से सघन जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके जरिए जनजातीय हितग्राहियों को शासन की व्यक्तिमूलक योजनाओं से संतृप्त किया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक आदि सेवा केंद्र में जनसुनवाई आयोजित कर प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनजातीय ग्रामों तक पहुंचाकर शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

