समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और सपा मुखिया अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव के असामयिक निधन ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) बताई गई थी। हालांकि, उनके निधन के बाद से ही सियासी और व्यापारिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं और कयासों का दौर शुरू हो गया है।
इस बीच, प्रतीक यादव से जुड़े एक पुराने पुलिस केस और उनके करोड़ों के बिजनेस एम्पायर के भविष्य को लेकर बड़े अपडेट्स सामने आए हैं।
1. मौत के बाद भी बंद नहीं होगा रंगदारी का केस
प्रतीक यादव के निधन के बाद यह सवाल उठ रहा था कि उनके द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों का क्या होगा? जांच में सामने आया है कि प्रतीक यादव ने पिछले साल पुलिस में एक हाई-प्रोफाइल रंगदारी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
क्या था मामला? पिछले साल 13 जुलाई 2025 को प्रतीक यादव ने लखनऊ के पॉश इलाके गौतमपल्ली थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी।
किनके खिलाफ था केस? यह शिकायत रियल एस्टेट कंपनी 'मोनल इंफ्रा' के निदेशक कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ थी। प्रतीक ने उन पर धोखाधड़ी और रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया था।
अब क्या होगा स्टेटस? पुलिस प्रशासन के मुताबिक, निधन से पहले इस मामले में प्रतीक यादव के आधिकारिक बयान दर्ज किए जा चुके थे। यही वजह है कि प्रतीक के न रहने के बाद भी यह केस बंद नहीं होगा, बल्कि पुलिस इसकी गहन जांच जारी रखेगी।
2. कौन संभालेगा प्रतीक का करोड़ों का बिजनेस?
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर मुख्य रूप से रियल एस्टेट और प्रीमियम जिम (फिटनेस चेन) का एक बड़ा कारोबार चलाते थे। उनके अचानक चले जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि इस विशाल बिजनेस एम्पायर का वारिस या कर्ता-धर्ता कौन होगा?
चूंकि प्रतीक की दोनों बेटियां अभी बहुत छोटी हैं, इसलिए व्यापारिक सूत्रों और पारिवारिक चर्चाओं के अनुसार, अब पूरे बिजनेस की कमान उनके साले और बिजनेस पार्टनर अमन संभालेंगे। वह अपनी बहन अपर्णा यादव के बिहाफ (पक्ष) पर इस पूरे एम्पायर को आगे बढ़ाएंगे।
3. प्रतीक के 'साए' की तरह थे अमन
अमन सिर्फ प्रतीक के साले नहीं, बल्कि उनके सबसे भरोसेमंद साथी और बिजनेस पार्टनर रहे हैं। साल 2011 में प्रतीक और अपर्णा की शादी के बाद से ही दोनों के बीच का रिश्ता बेहद गहरा हो गया था।
मुश्किल दौर के साथी:
प्रतीक की दर्जनों कंपनियों का मुख्य चेहरा अमन ही थे।
जब रियल एस्टेट सेक्टर में प्रतीक को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान हुआ, तब अमन ने बिजनेस को संभाला।
नेताजी मुलायम सिंह यादव और अपनी माता साधना गुप्ता के निधन के बाद जब प्रतीक गहरे डिप्रेशन (तनाव) से गुजर रहे थे, तब भी अमन एक साए की तरह उनके साथ खड़े रहे।
हालांकि व्यापारिक गलियारों में अमन के कमान संभालने की बात पूरी तरह तय मानी जा रही है, लेकिन इस विषय पर अभी तक यादव परिवार या अपर्णा यादव की तरफ से कोई भी आधिकारिक या औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस की एक टीम रंगदारी के मामले में आरोपियों से पूछताछ की तैयारी में है।

