उत्तर बस्तर कांकेर जिले के पखांजूर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन बिजनेस पार्टनरशिप और स्टार्टअप निवेश के नाम पर हुई एक हाईप्रोफाइल ठगी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सॉफ्टवेयर कम्पनी में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी और CTO यानी चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर की कुर्सी का सपना दिखाकर कारोबारी दंपत्ति ने युवक से 43 लाख 44 हजार 900 रुपये की ठगी कर ली। करीब चार वर्षों तक विश्वास और बड़े कारोबारी अवसरों का जाल बिछाकर रकम ऐंठी गई, लेकिन आखिरकार पखांजूर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के सहारे मुंबई से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार प्रार्थी मनीष सोनी पिता एल.बी. सोनी ने थाना पखांजूर में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच ZEALAPP VIEW PRIVATE LIMITED के CEO आनंद चंदेल और उसकी पत्नी रेखा आनंद चंदेल ने उसे कम्पनी में CTO बनाने और 10 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का लालच दिया।
आरोपियों ने खुद को बड़े कारोबारी और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ा प्रभावशाली दंपत्ति बताते हुए युवक का भरोसा जीत लिया। बताया जा रहा है कि भरोसा कायम करने के लिए फर्जी बिजनेस कार्ड, नकली चेक, बनावटी कम्पनी दस्तावेज और कई कूटरचित कागजात दिखाए गए। धीरे-धीरे आरोपी मनीष सोनी को निवेश और प्रोसेसिंग के नाम पर रकम ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित करते रहे। युवक ने अलग-अलग किश्तों में कुल 43,44,900 रुपये ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर कर दिए।
समय बीतता गया, न हिस्सेदारी मिली और न पद
शुरुआत में आरोपियों ने कम्पनी विस्तार, विदेशी प्रोजेक्ट और टेक्निकल डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी देने जैसे कई बड़े दावे किए। लेकिन महीनों बीतने के बाद भी न तो कोई आधिकारिक नियुक्ति पत्र मिला और न ही कम्पनी में किसी तरह की वैधानिक हिस्सेदारी दी गई। जब मनीष सोनी को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ, तब उसने पूरे मामले की शिकायत पखांजूर थाने में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 84/2025 के तहत धारा 318(4), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया। जांच आगे बढ़ने पर धारा 338, 336(3) और 340(2) BNS भी जोड़ी गईं।
मामला दर्ज होते ही आरोपी लगातार ठिकाने बदलते रहे और पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते रहे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पखांजूर राकेश कुर्रे के मार्गदर्शन और एसडीओपी रवि कुमार कुजूर के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण केवट के नेतृत्व में गठित टीम ने डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल लोकेशन, बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। लंबी पड़ताल और ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम मुंबई के कांदिवली वेस्ट स्थित आरएनए रॉयल पार्क तक पहुंच गई।
मुंबई से गिरफ्तार हुआ कारोबारी दंपत्ति
पुलिस ने बी-2002, आरएनए रॉयल पार्क, एम.जी. रोड, कांदिवली वेस्ट मुंबई निवासी 55 वर्षीय आनंद चंदेल और उसकी 47 वर्षीय पत्नी रेखा आनंद चंदेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने फर्जी पहचान पत्र, नकली चेक और बनावटी कारोबारी दस्तावेजों के जरिए रकम हासिल करने की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद 13 मई 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर पखांजूर लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अनिल पालेश्वर, प्रधान आरक्षक कमल पाल, प्रधान आरक्षक गणेश उईके और महिला आरक्षक अगसिया कोड़ोपी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील : ऑनलाइन निवेश से पहले करें पूरी जांच
कांकेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश, स्टार्टअप पार्टनरशिप, नौकरी या कम्पनी में हिस्सेदारी के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले दस्तावेजों और कम्पनी की वैधानिक स्थिति की पूरी जांच जरूर करें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल दुनिया में चमकदार विजिटिंग कार्ड, बड़े पद और ऊंचे मुनाफे के सपने दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता और दस्तावेजों का सत्यापन ही सबसे बड़ा बचाव है।

