राजधानी रायपुर एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति भाव और धार्मिक आस्था के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रही है। लाखे नगर स्थित श्री राम मंदिर प्रांगण में 11 मई 2026 से भव्य “चार महापुराण कथा महोत्सव” का शुभारंभ होने जा रहा है, जो निरंतर 15 जून 2026 तक चलेगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनमानस को आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ने वाला एक विशाल महापर्व माना जा रहा है।
इस एक माह से अधिक चलने वाले इस भव्य आयोजन में चार महापुराणों—भगवत, शिव, विष्णु एवं अन्य पवित्र पुराणों के माध्यम से धर्म, भक्ति, नीति और जीवन दर्शन का गहन संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचेगा।
भव्य कलश यात्रा से होगा महोत्सव का शुभारंभ
इस दिव्य महोत्सव की औपचारिक शुरुआत 11 मई 2026, सोमवार को एक भव्य और आकर्षक कलश यात्रा के साथ की जाएगी। कलश यात्रा को आयोजन का सबसे पवित्र और प्रतीकात्मक आरंभ माना जाता है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और शुभता का संकेत देती है। सुबह से ही श्री राम मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का जुटना प्रारंभ हो जाएगा। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर सिर पर कलश लेकर नगर भ्रमण करेंगी। ढोल-नगाड़ों की गूंज, शंखनाद, भजन-कीर्तन और “जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाएगा। यह कलश यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर लाखे नगर और आसपास के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः मंदिर प्रांगण में संपन्न होगी। आयोजन समिति के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज में एकता, श्रद्धा और संस्कृति के संदेश को मजबूत करने का माध्यम भी है।
प्रतिदिन गूंजेगी कथा: दो सत्रों में होगा प्रवचन
महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन नियमित रूप से कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा सत्र आमतौर पर दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक तथा शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें।
हर दिन कथा में चार महापुराणों से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। इनमें सृष्टि की उत्पत्ति, भगवान विष्णु के अवतार, भगवान शिव की महिमा, धर्म-अधर्म की गाथाएं, कर्म और मोक्ष का मार्ग जैसे गूढ़ विषयों को सरल और भावपूर्ण भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा। कथा का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि जीवन में नैतिकता, संयम, करुणा और सत्य के मार्ग को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
दिव्य कथा प्रवचन
इस भव्य आयोजन में सुप्रसिद्ध कथावाचक श्री राधा रासबिहारी शरण महाराज अपने ओजस्वी वाणी और गहन आध्यात्मिक अनुभव के साथ श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराएंगे। महाराज जी की कथा शैली भावनात्मक, सरल और अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। वे केवल शास्त्रों का वर्णन ही नहीं करते, बल्कि उन्हें वर्तमान जीवन से जोड़कर समझाते हैं, जिससे श्रद्धालु कथा को अपने जीवन में उतार सकें। उनकी वाणी में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता है, जो श्रोताओं को गहरे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ देता है।
एक माह से अधिक चलेगा भक्ति का महापर्व
यह भव्य महोत्सव 11 मई से प्रारंभ होकर 15 जून 2026 तक निरंतर चलेगा। इस अवधि में प्रतिदिन अलग-अलग प्रसंगों और कथाओं का क्रम चलता रहेगा। आयोजन समिति के अनुसार, यह महोत्सव चार महापुराणों के संपूर्ण ज्ञान को जनमानस तक पहुंचाने का एक दुर्लभ अवसर है। हर सप्ताह विशेष प्रसंगों, धार्मिक व्याख्यानों और भक्ति संध्या का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें भजन मंडलियां और संत-महात्माओं के प्रवचन भी शामिल रहेंगे।
श्री राम मंदिर परिसर में भव्य तैयारियां
लाखे नगर स्थित श्री राम मंदिर प्रांगण को इस महोत्सव के लिए भव्य रूप से सजाया जा रहा है। पूरे परिसर में धार्मिक झांकियां, दीप सज्जा, फूलों की सजावट और आकर्षक पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए बैठने की विशेष व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली और छाया व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। आयोजन स्थल को पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित किया जा रहा है, ताकि हर आने वाला श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर सके।
श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल
महोत्सव की घोषणा के साथ ही रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। लोग इसे केवल कथा आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और जीवन परिवर्तन का अवसर मान रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मकता, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। युवा वर्ग भी इस आयोजन से जुड़ने के लिए उत्साहित दिखाई दे रहा है।
सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी देगा आयोजन
“चार महापुराण कथा महोत्सव” केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी संदेश देगा। आयोजन समिति का मानना है कि ऐसे महोत्सव समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन लोगों को यह संदेश भी देगा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच भी आध्यात्मिकता और धर्म से जुड़ाव जीवन को संतुलित और शांतिपूर्ण बना सकता है।
भव्य समापन
15 जून 2026 को इस भव्य महोत्सव का समापन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और अंतिम कथा सत्र के साथ किया जाएगा। समापन अवसर पर विशेष आरती, भजन संध्या और प्रसाद वितरण का आयोजन भी प्रस्तावित है। आयोजन समिति के अनुसार समापन दिवस को अत्यंत भव्य और यादगार बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
रायपुर के लाखे नगर स्थित श्री राम मंदिर प्रांगण में होने जा रहा “चार महापुराण कथा महोत्सव” न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का विशाल संगम है। 11 मई से 15 जून तक चलने वाला यह महोत्सव निश्चित ही श्रद्धालुओं के जीवन में भक्ति, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
